ED रेड से भड़कीं CM ममता बनर्जी का ऐलान...आज उतरेंगी सड़क पर, मोदी से कहा- अपने गृह मंत्री को संभालो

Mamata Banerjee Protest March: ईडी ने आई-पैक से जुड़े स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। ऐसे में ममता बनर्जी ईडी की छापेमारी के खिलाफ कोलकाता में विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगी।
Mamata Banerjee on ED Raid in Kolkata
ममता बनर्जी (Image- Social Media)
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West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में गुरुवार को कोलकाता में एक बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दो टीमें सुबह-सुबह इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के दो ठिकानों पर पहुंचीं। ईडी 2020 के कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। एक टीम ने आई-पैक के डायरेक्टर प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर, जबकि दूसरी ने सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा।

प्रतीक बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आईटी सेल के प्रमुख भी हैं। वही ममता बनर्जी की चुनावी रणनीति तैयार करते हैं। जैसे ही सीएम ममता को छापे की जानकारी मिली, वे पुलिस अधिकारियों के साथ सीधे प्रतीक के घर पहुंच गईं। करीब 20–25 मिनट वहां रहीं और फिर एक फाइल फोल्डर लेकर बाहर निकलीं।

अपने गृह मंत्री को काबू में रखें PM: ममता

इसके बाद वे प्रतीक के दफ्तर गईं, जहां से लगभग 3:30 घंटे बाद बाहर आईं। देश में शायद यह पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री ने छापे के दौरान ऐसा कदम उठाया हो। इस मामले में ईडी ने देशभर में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की, जिनमें 6 बंगाल और 4 दिल्ली में हैं। ममता ने प्रतीक जैन के खिलाफ कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा, “मुझे माफ करें प्रधानमंत्री जी, कृपया अपने गृह मंत्री को काबू में रखें।” इस कार्रवाई के विरोध में ममता आज दोपहर 2 बजे मार्च निकालेंगी। ईडी के अधिकारियों ने प्रतीक के घर और कार्यालय से कई दस्तावेज जब्त किए।

प्रतीक जैन के ठिकानों पर रेड की टाइमलाइन

  • सुबह 6:30 बजे: एक टीम सबसे पहले ऑफिस पहुंची। दफ्तर खाली था। टीम ने सभी डिजिटल उपकरणों और भौतिक दस्तावेजों की जांच की।
  • सुबह 7:30 बजे: दूसरी टीम प्रतीक जैन के घर पहुंची। वह एक इमारत की चौथी मंजिल पर रहते हैं। टीम ने कागजातों की जांच शुरू की।
  • दोपहर 12 बजे: ममता प्रतीक के घर पहुंचीं और 19 मिनट बाद बाहर निकलीं। उनके हाथ में एक हरा फाइल फोल्डर था।
  • दोपहर 1 बजे: ममता घर से 15 किमी दूर आई-पैक के ऑफिस पहुंचीं। उस समय केंद्रीय बलों ने बिल्डिंग की एंट्री और एग्जिट बंद कर रखी थी, इसलिए ममता बेसमेंट की लिफ्ट से सीधे 11वीं मंजिल पर गईं। उनके साथ राज्य के डीजीपी राजीव कुमार भी थे। यही राजीव कुमार हैं, जिनके घर 2019 में सीबीआई ने छापा मारा था, तब ममता विरोध में वहीं धरने पर बैठ गई थीं।
  • शाम 4:22 बजे: ममता बाहर निकलीं। उनके पीछे सीएमओ के अधिकारी हाथों में फाइलें लिए हुए थे। इन फाइलों को काफिले की गाड़ी की पिछली सीट पर रखा गया।
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