चुरचुरा में हाथियों का आतंक, गोगांव-दिभना में किसानों की फसल हुई तबाह

Gadchiroli News: गड़चिरोली के चुरचुरा क्षेत्र में जंगली हाथियों के झुंड ने धान फसलों का व्यापक नुकसान किया। वन विभाग ने पिपरटोला मार्ग बंद और सतर्क रहने की अपील की।
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हाथी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Elephants In Gadchiroli: गड़चिरोली जिले के चुरचुरा उपक्षेत्र के गोगांव और दिभना खेत परिसर में पिछले दो दिनों से जंगली हाथियों के झुंड ने धान फसलों का व्यापक नुकसान किया है। वनरक्षक ढोणे ने बताया कि फिलहाल यह झुंड चुरचुरा माल जंगल परिसर में है और पिपरटोला मार्ग पर आवागमन बंद कर दिया गया है।

पिछले 3 से 4 वर्षों से गड़चिरोली, आरमोरी, कुरखेड़ा और चामोर्शी तहसीलों में जंगली हाथियों का यह झुंड विचरण कर रहा है। करीब 31 हाथियों के इस झुंड ने दिनभर जंगल में निवास करते हुए रात के दौरान किसानों की धान फसलों को बर्बाद किया। सोमवार को झुंड के दो हाथी गोगांव खेत परिसर में दाखिल हुए, जहां किसान अफ्रोज पठान, भाकरे सहित अन्य किसानों की धान फसल भारी मात्रा में क्षतिग्रस्त हुई।

इसके बाद हाथियों ने अपना मार्ग बदलकर दिभना के खेत परिसर की ओर मोड़ा और वहां भी फसल का व्यापक नुकसान किया। वनरक्षक ढोणे ने कहा कि फिलहाल यह दो हाथी फिर से झुंड में शामिल हो गए हैं और पूरे झुंड की निगरानी वन विभाग कर रहा है।

लाेगों को सतर्क रहने की सलाह

वन विभाग ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और पिपरटोला मार्ग का उपयोग न करें, क्योंकि हाथियों का झुंड इस मार्ग के आसपास सक्रिय है। विभाग ने कहा कि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तुरंत स्थानीय वनकर्मी या वन कार्यालय से संपर्क करें।

किसानों का कहना है कि हाथियों के इस हमले से आर्थिक नुकसान हुआ है और उन्हें फसल की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रशासनिक मदद की आवश्यकता है। वन विभाग ने भी कहा कि जंगल में हाथियों का विचरण नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त चौकसी और निगरानी बढ़ाई जाएगी।

यह घटना गड़चिरोली में जंगली हाथियों और किसानों के बीच पिछले वर्षों से बनी चुनौती को फिर उजागर करती है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे झुंड के मार्ग और जंगल के आसपास सतर्क रहें और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में अधिकारियों की मदद लें।

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