महाराष्ट्र में 7/12 रिकॉर्ड घोटाला उजागर, मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने माना-लाखों किसान प्रभावित

Revenue Department Fraud Farmers Case: महाराष्ट्र के राजस्व विभाग में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है, जहां 7/12 दस्तावेज में बदलाव कर लाखों किसानों को प्रभावित किया गया।मंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिया।
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Chandrashekhar Bawankule (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra 7/12 Record Scam Revenue: महाराष्ट्र के राजस्व विभाग का अब तक सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है। ख़ास बात यह है कि इस बात को खुद राजस्व विभाग के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने भी स्वीकार किया है।

ऐसी जानकारी सामने आई है कि जमीन के सबसे जरूरी दस्तावेज 7/12 में बदलाव करके करीब एक से डेढ़ लाख किसानों के साथ धोखाधड़ी की गई है।

पता चला है कि रेवेन्यू अधिकारियों ने महाराष्ट्र लैंड रेवेन्यू एक्ट के सेक्शन 155 का गलत मतलब निकालकर यह गैर-कानूनी ऑर्डर पास किया है। लैंड रेवेन्यू एक्ट के सेक्शन 155 के तहत मुख्य रूप से 7/12 स्लिप पर स्पेलिंग की गलतियों को ठीक करने के लिए इस्तेमाल होता है, लेकिन पुणे जिले में कुछ रेवेन्यू अधिकारियों ने इस सेक्शन का गलत इस्तेमाल करके जमीन के मालिकाना हक की अदला-बदली की। इस पूरे कारनामे को जुलाई-अगस्त 2025 के बीच अंजाम दिया गया है।

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

  • मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सदन को भरोसा दिलाया कि सेशन खत्म होने से पहले दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने खुद इस घोटाले की बात स्वीकार की है।
  • इस घोटाले का खुलासा डिवीजनल कमिश्नर की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी की रिपोर्ट से हुआ। कई मामलों में असली मालिक की मंजूरी के बिना 7/12 में बदलाव किए गए।
  • गलत तरीके से गैर-कानूनी ऑर्डर पास करके प्राइवेट हितों की रक्षा की गई। जमीन को नॉन-एग्रीकल्चर बनाने और मालिकाना हक ट्रांसफर करने में भी गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं।
  • एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर बड़ी गलती हुई है। स्पेलिंग बदलने के नाम पर 7/12 बदल दिया गया, यह मामला गंभीर है। यह रेवेन्यू डिपार्टमेंट के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा स्कैम हो सकता है। उन्होंने यह भी माना कि इस वजह से 1 से 1.5 लाख किसान प्रभावित हुए हैं।

यूबीटी विधायक परब ने विप में उठाया मुद्दा

राजस्व विभाग के इस घोटाले को लेकर बुधवार को विधान परिषद में तीखी बहस हुई। उद्धव ठाकरे की पार्टी यूबीटी के विधायक अनिल परब ने बुधवार को विधान परिषद में इस गंभीर मामले को उठाया। उनके इस खुलासे से हड़कंप मच गया। उन्होंने मांग की है कि इस स्कैम के मुख्य मास्टरमाइंड और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाएं, परब ने कहा कि इस घोटाले में तहसीलदार से लेकर बड़े अधिकारी शामिल हैं।

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