
CPI Centenary Celebration:गड़चिरोली के ताडगुडा गांव (सोर्सः सोशल मीडिया)
Tadguda Gadchiroli: गड़चिरोली जिले की एटापल्ली तहसील के अतिदुर्गम ताडगुडा गांव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) का शताब्दी महोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वामपंथी विचारधारा से जुड़े पदाधिकारी एकजुट हुए और आदिवासियों के अधिकारों तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के लिए संघर्ष तेज करने की घोषणा की।भाकपा के जिला सहसचिव सचिन मोतकुरवार द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में गांव पाटिल मनोज नरोटी के हाथों ध्वजारोहण किया गया।
कार्यक्रम में भाकपा के राज्य सचिव सुभाष लांडे, राज्य सहसचिव शाम काले, छत्तीसगढ़ राज्य सहसचिव फूल सिंह कचलाम, मंजू कोवासी, राज्य सचिव मंडल सदस्य डॉ. महेश कोपुलवार, गड़चिरोली जिला सचिव देवराव चवले, जिला सहसचिव एड. जगदीश मेश्राम, शेकाप के सरचिटणीस रामदास जराते, आदिवासी विकास महामंडल के संचालक सैनुजी गोटा, ऋषि पोरतेट, विनोद झोडगे, रमेश कवडो, अनिल हेपट सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भाकपा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया है। पेसा कानून जैसे ऐतिहासिक कानून के निर्माण और उसके क्रियान्वयन में यूपीए-1 कार्यकाल के दौरान केंद्र में मौजूद वामपंथी दलों के 62 सांसदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
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आदिवासी स्वशासन, ग्रामसभा के अधिकार और वनसंपदा पर हक दिलाने में कम्युनिस्ट आंदोलन का बड़ा योगदान रहा है। एटापल्ली तहसील में भी भाकपा ने जल, जंगल और जमीन के अधिकार, ग्रामसभा अधिकार, वनहक्क दावे, सड़क, पानी, रोजगार तथा आदिवासी मुद्दों को लेकर निरंतर आंदोलन किए हैं और प्रशासनिक स्तर पर भी प्रयास किए हैं। आगामी समय में आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा, जल-जंगल-जमीन के संरक्षण, लोकतंत्र, समानता और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष को और अधिक तीव्र करने का संकल्प लिया गया।






