तख्तापलट की कीमत चुकाएगा अमेरिका? ईरान की 4 खतरनाक ताकतें जिनसे आज भी कांपता है वॉशिंगटन

Iran US Tension: ईरान में जारी सियासी और सुरक्षा संकट के बीच अमेरिका और तेहरान आमने-सामने आ गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी को ईरान ने तख्तापलट की कोशिश बताया है।
Will America pay the price for a coup? Iran's 4 dangerous capabilities that still make Washington tremble
अमेरिका-ईरान संकट, (डिजाइन फोटो)
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Donald Trump Iran Warning: ईरान में बढ़ते राजनीतिक और सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है। ट्रंप ने तेहरान में 'घुसने' की चेतावनी दी जिस पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे तख्तापलट की कोशिश करार दिया।

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका ईरान को कमजोर आंकने की भूल न करे। उनका कहना था, 'हम आपके हाथ उठने से पहले ही उसे काट देंगे।'

खामेनेई की कैसी है सेहत?

यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान चारों ओर से अंतरराष्ट्रीय दबाव में है। अमेरिकी मीडिया में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की सेहत को लेकर अटकलें तेज हैं। अमेरिकी न्यूज चैनल CNN ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि खामेनेई बीमार हैं और उन्होंने मौजूदा हालात पर सार्वजनिक टिप्पणी न करने का फैसला किया है। वहीं, अमेरिकी सीनेटर टेड क्रूज ने बयान दिया है कि ईरान में खामेनेई का दौर अब अपने अंतिम चरण में है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर नियंत्रण

ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रणनीतिक नियंत्रण है, जिसे उसकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले इस समुद्री रास्ते से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होता है। जून 2025 में अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने इस क्षेत्र में समुद्र के नीचे विस्फोटक बिछाने शुरू कर दिए थे। अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है तो एशिया समेत पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है।

ईरान के लिए रूस-चीन फैक्टर क्यों है अहम?

मिडिल ईस्ट में बदलते समीकरणों के बीच ईरान अब रूस और चीन का एकमात्र बड़ा सहयोगी बचा है। सीरिया जैसे देश पहले ही कमजोर हो चुके हैं। ऐसे में अगर अमेरिका ईरान में हस्तक्षेप करता है तो रूस और चीन का मिडिल ईस्ट में प्रभाव लगभग खत्म हो सकता है। यही वजह है कि दोनों देश किसी भी कीमत पर ईरान को अकेला नहीं छोड़ना चाहेंगे।

अमेरिकी ठिकानों की सटीक जानकारी

जून 2025 में अमेरिका के हमले के जवाब में ईरान ने कतर स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किया था। ईरान को मिडिल ईस्ट में मौजूद सभी अमेरिकी ठिकानों की सटीक जानकारी है। युद्ध की स्थिति में इन ठिकानों को निशाना बनाना ईरान के लिए मुश्किल नहीं होगा और अमेरिका इस सच्चाई से भली-भांति वाकिफ है।

मिसाइलों का विशाल जखीरा

हालांकि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हैं, लेकिन उसकी मिसाइल और ड्रोन क्षमता बेहद घातक मानी जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के पास 1800 से ज्यादा मिसाइलें हैं जिनमें करीब 200 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं। इजराइल के साथ हालिया संघर्ष के बाद ईरान केमिकल युक्त मिसाइलों के निर्माण पर भी काम कर रहा है।

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