जीशान सिद्दीकी की खुली बगावत, अजित पवार की रैली में हुए शामिल, कांग्रेस की फजीहत!

विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बांद्रा-पूर्व विधानसभा क्षेत्र में बड़ा झटका लगा है। क्षेत्र के मौजूदा कांग्रेसी विधायक जीशान सिद्दीकी ने पार्टी के खिलाफ अब खुली बगवात कर दी है। जीशान ने सोमवार को न सिर्फ अपने क्षेत्र में पहुंची अजित की 'जनसम्मान यात्रा' का स्वागत किया बल्कि उन्होंने बाद में अजित पवार की जनसभा में दूसरे नेताओं के साथ मंच साझा करके कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) के नेताओं पर निशाना भी साधा।
Congress MLA Zeeshan Siddiqui openly rebelled, joined Ajit Pawar rally
कांग्रेस विधायक जिशान सिद्दीकी अजित पवार के साथ
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मुंबई. विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बांद्रा-पूर्व विधानसभा क्षेत्र में बड़ा झटका लगा है। क्षेत्र के मौजूदा कांग्रेसी विधायक जीशान सिद्दीकी ने पार्टी के खिलाफ अब खुली बगवात कर दी है। जीशान ने सोमवार को न सिर्फ अपने क्षेत्र में पहुंची अजित की 'जनसम्मान यात्रा' का स्वागत किया बल्कि उन्होंने बाद में बांद्रा-पूर्व गवर्नमेंट कॉलोनी में आयोजित राकां (अजित पवार) की जनसभा में अजित पार्टी के दूसरे नेताओं के साथ मंच साझा करके कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) के नेताओं पर निशाना भी साधा।

जीशान ने अजित की जनसम्मान यात्रा के स्वागत की तैयारी काफी पहले से कर रखी थी। लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के नेताओं और चुनाव चिन्ह का त्याग करनेवाले जीशान ने दो दिन पहले क्षेत्र में नए पोस्टर लगवाए। उप मुख्यमंत्री अजित पवार, राकां (अजित पवार) के नेता व सांसद प्रफुल्ल पटेल व महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष व सांसद सुनील तटकरे की तस्वीरों वाले इन पोस्टर्स के जरिए जीशान, महायुति सरकार की 'लाडली बहन' योजना को अपना समर्थन देकर उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृतत्व को अपनी भविष्य की योजनाओं के संकेत दे दिए थे।

अजित की तारीफों के बांधे पुल

अपने संबोधन में जीशान ने अजित पवार की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने 2024 विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से बांद्रा-पूर्व विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मैं क्षेत्र के विकास के लिए बहुत काम करना चाहता हूं। लेकिन महाविकास आघाड़ी की सरकार के दौरान सरकार में बैठे कुछ लोग मुझे काम करने से रोकते रहे। माना जा रहा है कि जीशान ने अप्रत्यक्षतौर पर शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता अनिल परब पर उक्त आरोप लगाए। इतना ही नहीं उन्होंने इस मामले में महाराष्ट्र कांग्रेस के नेतृत्व को कमजोर बताते हुए कहा कि शिकायत करने पर हमारे वरिष्ठ मुझे ही चुप रहने की नसीहत देते थे।

जीशान ने कहा कि जब मैं फंड मांगता था तो मुझसे कहा जाता था कि यह मुख्यमंत्री की सीट है और मुझे फंड नहीं दिया जाता था, लेकिन अजित पवार मुझे फंड देते थे, इसलिए मैं उनका आभारी हूं। उन्होंने जीशान ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ मुहब्बत की दुकान खोलने से कुछ नहीं होता, प्यार दिलो में होना चाहिए। इसके साथ ही एक तरह से उन्होंने अपने राकां में शामिल होने की घोषणा करते हुए कहा कि अब यहां से परिवर्तन होने जा रहा है। उन्होंने अजित से वादा किया कि हम सब आपकी मदद करेगे।

Congress MLA Zeeshan Siddiqui openly rebelled, joined Ajit Pawar rally
जीशान सिद्दीकी ने अजित पवार के साथ मंच किया साझा

पिता पहले ही छोड़ चुके हैं पार्टी

गौरतलब हो कि जीशान के पिता तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व मंत्री बाबा सिद्दिकी, लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर अजित के खेमे में चले गए थे। बाद में जीशान ने बांद्रा-पूर्व खेरवाड़ी स्थित अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस को सर्वाधिक जातिवादी पार्टी कह दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि अल्पसंख्यक होने के कारण कांग्रेस में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्हें उपेक्षित होना पड़ रहा है। इससे पहले जीशान के पोस्टर्स और बैनरों से कांग्रेस पार्टी व उसके प्रमुख नेताओं के नाम और तस्वीरें हटा दी गई थीं।

मलिक ने भी किया स्वागत

जीशान की तरह राकां विधायक नवाब मलिक ने कुर्ला इलाके में अजित की जन सम्मान रैली का स्वागत किया। बीजेपी के विरोध को दरकिनार करते हुए अजित ने अपने पुराने सहयोगी नवाब मलिक को यात्रा में अपने साथ शामिल किया। इन दोनों मौकों पर अजित के अलावा पार्टी के वरिष्ठ नेता व सांसद प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी, मुंबई प्रदेश अध्यक्ष समीर भुजबल, सूरज चव्हाण, संतोष धुवाली सहित पार्टी के तमाम प्रमुख पदाधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

अजित ने की जीशान की सराहना

इस मौके पर अजित ने उपस्थित महिलाओं एवं अन्य पदाधिकारियों का आभार माना महिलाओं को सुरक्षा का विश्वास दिलाया और जीशान की खुले दिल से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मैं सत्ताधारी पार्टी से होने के बावजूद मेरे पास आनेवाले विपक्ष के विधायकों की मदद करता रहा हूं। हमने महाराष्ट्र में लाडली बहन योजना शुरू की। हम कई अन्य योजनाएं भी लेकर आये हैं। जन सम्मान यात्रा के दौरान जो उत्साह, जो प्यार मुझे अपनी माताओं और बहनों में देखने को मिला, वह पहले कभी नहीं देखा। मैं एक जनसेवक हूं, जीशान भी एक जनसेवक हैं और जन सेवक के रूप में हम लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसलिए, उन लोगों का सम्मान करना हमारा पहला कर्तव्य है और इसके लिए हमने जन सम्मान यात्रा शुरू की है।

चिंता की कोई बात नहीं

वरिष्ठ काग्रेसी नेता बाला साहेब थोरात ने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक विचार है। ऐसी लोगों की सोच है। किसी के जाने से कांग्रेस पार्टी खत्म नहीं हो जाती। यह बढ़ती है, ऐसा सिद्ध हो चुका है। नांदेड़ का उदाहरण देखें तो बड़े-बड़े नेता चले गए तो भी आम जनता हमारे पीछे खड़ी थी। इसलिए अगर कोई जाता है तो चिंता की कोई बात नहीं है। हम यह नहीं सोचते कि कौन चला गया। हम जोश के साथ खड़े रहते हैं।

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