शरद पवार का नरेंद्र मोदी पर हमला, बोले- 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की बात करने वाले PM और सिस्टम में एक राय नहीं

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम और चुनाव आयोग दोनों अलग-अलग बातें करते हैं। पीएम ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की बात कही थी। अगले ही दिन चुनाव आयोग ने 2 राज्यों में अलग-अलग तारीखों में विधानसभा चुनावों का ऐलान कर दिया। प्रधानमंत्री एक बात कहते हैं, जबकि सिस्टम दूसरे रास्ते पर चलता है।
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नरेंद्र मोदी और शरद पवार (फाइल फोटो: ANI)
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पुणे. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम और चुनाव आयोग दोनों अलग-अलग बातें करते हैं। पीएम ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' की बात कही थी। अगले ही दिन चुनाव आयोग ने 2 राज्यों में अलग-अलग तारीखों में विधानसभा चुनावों का ऐलान कर दिया। प्रधानमंत्री एक बात कहते हैं, जबकि सिस्टम दूसरे रास्ते पर चलता है।

पवार पुणे में पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस दौरान उनसे पूछा गया कि क्या महाराष्ट्र में राज्य सरकार की 'लाडकी बहिन योजना' के कारण दिसंबर में चुनाव हो सकते हैं और क्या राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने की संभावना है। पवार ने कहा कि यह ऐसा सवाल है, जो चुनाव आयोग से पूछा जाना चाहिए। शिंदे सरकार की तरफ से लाडकी बहिन जैसी योजनाओं के लिए धन मुहैया कराए जाने के बारे में पूछे जाने पर पवार ने कहा कि कई योजनाएं लंबित हैं और स्कॉलरशिप के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन इसके बीच वित्तीय बोझ बढ़ाने वाली नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं।

महाराष्ट्र में दिवाली के बाद चुनाव

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी की असल वजह आगामी विधानसभा चुनाव हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि दिवाली के बाद महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। पिछले महीने महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव हुए थे। एनडीए को जबरदस्त जीत मिली थी। गठबंधन ने 11 में से 9 सीटें जीतीं थीं। वहीं 'इंडिया' ब्लॉक के तीन प्रत्याशी खड़े थे, जिनमें 2 ही जीत सके। कांग्रेस के 7 से 8 विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने की खबर थी।

महायुति को लाडकी बहिन योजना का मिलेगा फायदा

वर्तमान में राज्य में भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित गुट) की सरकार है, जिसका कार्यकाल 8 नवंबर 2024 को खत्म हो रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि राज्य में नवंबर-दिसंबर को चुनाव हो सकते हैं। राजनितिक जानकारों की माने तो लोकसभा चुनाव में महायुति के खराब प्रदर्शन के बाद महायुति लाडकी बहिन योजना के दम पर इस चुनाव में जीत हासिल करने की कोशिश में है। इस योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। तो वहीं, महाविकास अघाड़ी भी अपना शानदार कायम रखना चाह रही है।

भाजपा और शिवसेना में मतभेद

महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 2019 में चुनाव हुए थे। अकेली भाजपा 106 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर अविभाजित शिवसेना और भाजपा गठबंधन में बात नहीं बन पाई। इसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस और अविभाजित एनसीपी के साथ मिलकर महाविकास आघाड़ी बनाकर सरकार बनाई। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने।

एकनाथ शिंदे की बगावत, गिरी उद्धव ठाकरे सरकार

मई 2022 महाराष्ट्र सरकार में एकनाथ शिंदे ने 39 विधायकों के साथ बगावत कर दी और भाजपा के साथ गठबंधन किया। 30 जून 2022 को एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र के 20वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। इसके साथ ही शिवसेना दो गुटों में बंट गई। एकनाथ शिंदे गुट ने शिवसेना और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर दावा ठोक दिया। मामला चुनाव आयोग पहुंचा, जहां आयोग ने शिंदे गुट को असली शिवसेना मानते हुए पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह सौंप दिया।

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