- Hindi News »
- Maharashtra »
- Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti History Torna Fort Maratha Empire
छत्रपति शिवाजी महाराज: रायगढ़ का वो ऐतिहासिक राज्याभिषेक…जब दुनिया ने देखा स्वतंत्र भारत का संप्रभु चेहरा
Chhatrapati Shivaji Maharaj History: 16 साल में जीता तोरणा किला और खड़ा किया हिंदवी स्वराज्य। जानें उनकी गुरिल्ला युद्ध नीति, नौसेना और कुशल प्रशासन का इतिहास।
- Written By: प्रिया जैस

छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती विशेष (डिजाइन फोटो)
Chhatrapati Shivaji Maharaj Birth Anniversary: “भले ही सबके हाथों में तलवार हो, लेकिन सरकार की स्थापना इच्छाशक्ति से ही होती है।” हिंदुस्तान में कई ऐसे वीर हुए हैं, जिन्होंने अपनी असाधारण वीरता, त्याग और बलिदान से भारतभूमि को धन्य किया है। उनमें छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम सर्वोपरि है।
यह एक ऐसा नाम है, जिसे सुनकर हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। उनकी विरासत इतिहास के पन्नों पर एक अमिट छाप छोड़ती है, जो शासन में उत्कृष्टता की निरंतर खोज को प्रेरित करती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मार्गदर्शक है।
19 फरवरी, 1630 को शिवनेरी में जन्मे छत्रपति शिवाजी महाराज ने उन परिस्थितियों में जब भारी आक्रमण के साथ बाहरी साम्राज्य का विस्तार हो रहा था, एक साधारण परिवार से उठकर एक दल बनाया और धीरे-धीरे पूरा मराठा साम्राज्य खड़ा कर दिया। भले ही ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं थे, लेकिन राष्ट्रवाद की भावना और ‘गुरु’ की शिक्षा का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा था।
सम्बंधित ख़बरें
23 मई का इतिहास : चीन ने तिब्बत पर किया कब्जा, क्यों याद किया जाता है यह दिन?
22 मई का इतिहास: जब बछेन्द्री पाल ने एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर रचा इतिहास, जानें इस दिन के ऐतिहासिक फैक्ट्स
21 मई का इतिहास: क्या आप जानते हैं? भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड व सुष्मिता सेन की जीत
20 मई का इतिहास : ब्रिटेन में चली आंसू गैस, टेलीस्कोप से पहली बार मिलीं अंतरिक्ष की तस्वीरें, जाने पुरी खबर
इतिहासकार ने सुनाई गौरव गाथा
इतिहासकार कपिल कुमार एक इंटरव्यू में कहते हैं, “छत्रपति शिवाजी महाराज का पूरा जीवन संघर्ष में बीता। एक साधारण परिवार से उठकर एक सेना खड़ी करना और लगातार मुगलों से लोहा लेना, ये साफ बताता है कि उनका जीवन संघर्षों में बीता। उस संघर्ष के जीवन के अंदर उनकी योग्यताएं उभरकर सामने आईं।”
16 वर्ष की आयु तक, शिवाजी ने वफादार अनुयायियों का एक समूह इकट्ठा कर लिया था और मराठा साम्राज्य की स्थापना के लिए अपना अभियान शुरू किया। उन्होंने 1645 में अपना पहला किला तोरणा जीत लिया, जो एक नेता के रूप में उनकी यात्रा का आरंभ था। अगले कुछ वर्षों में उन्होंने रणनीतिक रूप से कई किले और क्षेत्र अपने अधिकार में ले लिए, और गुरिल्ला युद्ध की रणनीति अपनाई जो उनकी पहचान बन गई।
प्रजा के लिए न्याय सुनिश्चित किया
शिवाजी के जीवन की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक 6 जून, 1674 को रायगढ़ किले में उनका छत्रपति के रूप में राज्याभिषेक था। यह घटना संप्रभुता की घोषणा और मराठा साम्राज्य की औपचारिक स्थापना थी। भव्यता से आयोजित राज्याभिषेक समारोह में ऐसे रीति-रिवाज और परंपराएं शामिल थीं जो एक स्वतंत्र शासक के रूप में उनकी वैधता को प्रमाणित करती थीं। यह एक प्रतीकात्मक क्षण था जो मुगल प्रभुत्व से मराठों की स्वायत्तता की आकांक्षा का प्रतिनिधित्व करता था।
शिवाजी जी का शासनकाल प्रगतिशील नीतियों और कुशल शासन व्यवस्था से सुशोभित था। उन्होंने तटरेखाओं की सुरक्षा में नौसेना की श्रेष्ठता के महत्व को समझते हुए एक सशक्त नौसेना बल की स्थापना की। उनके प्रशासनिक सुधारों में अनुशासित सैन्य संरचना का निर्माण, राजस्व सुधारों की शुरुआत और व्यापार को बढ़ावा देना शामिल था। उन्होंने धार्मिक सहिष्णुता पर भी बल दिया और विविधतापूर्ण समाज का समर्थन करते हुए अपनी सभी प्रजा के लिए न्याय सुनिश्चित किया।
देश के लिए प्रेरणादायक
शिवाजी महाराज का मुगल साम्राज्य और अन्य पड़ोसी राज्यों के साथ निरंतर संघर्ष चलता रहा। औरंगजेब की ओर से कैद किए जाने के बाद 1666 में आगरा से उनका भाग निकलना उनकी चतुराई और दृढ़ संकल्प का प्रमाण था। इस साहसिक पलायन ने उन्हें एक कुशल और दृढ़ नेता के रूप में स्थापित किया।
इतिहासकार कपिल कुमार एक इंटरव्यू में कहते हैं, “छत्रपति शिवाजी महाराज अपने दौर में ही नहीं, बल्कि आज भी देश के लिए प्रेरणादायक हैं। राष्ट्रीय आंदोलन के अंदर क्रांतिकारियों के लिए वे राष्ट्रवाद के प्रतीक थे। वे शोषण के विरुद्ध लड़ाई के प्रतीक थे। वे हिंदुस्तान के गौरव को पुनर्स्थापित करने के प्रतीक थे।”
यह भी पढ़ें – छत्रपति शिवाजी महाराज: 8 पत्नियां, 3 तलवारें और वो इकलौता किला जिसे जीत नहीं सके, जानिए पूरा इतिहास
एक महान शासक और युग के निर्माता थे छत्रपति शिवाजी महाराज
वे कहते हैं, “वासुदेव फड़के से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस तक सभी ने एक प्रेरणा के रूप में शिवाजी महाराज को माना। ऐसा व्यक्तित्व कभी नहीं मरता है, बल्कि एक प्रतीक और आस्था के रूप में वह हमेशा जीवित रहता है।”
वे अपने दौर के एक महान शासक और युग निर्माता थे। वे सिर्फ मराठा राज्य के निर्माता नहीं थे, बल्कि मध्ययुगीन भारत के एक श्रेष्ठ रचनात्मक कार्य करने वाले अत्यंत बुद्धिमान व्यक्ति थे, जो अपनी विलक्षण वीरता, विजय की राजनीति और कूटनीति से एक साधारण अधीनस्थ जागीरदार के पथ से ऊपर उठकर छत्रपति कहलाए।
शिवाजी महाराज का निधन 3 अप्रैल, 1680 को रायगढ़ किले में हुआ। उनकी मृत्यु से एक खालीपन आ गया, लेकिन उनकी विरासत उनके उत्तराधिकारियों और मराठा साम्राज्य के माध्यम से कायम रही, जिसने मुगल सत्ता को चुनौती देना और अपने क्षेत्रों का विस्तार करना जारी रखा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Chhatrapati shivaji maharaj jayanti history torna fort maratha empire
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
बांद्रा पूर्व की सियासी जंग: किरीट सोमैया को दिखे बांग्लादेशी, तो जीशान को मासूम… महायुति में तालमेल की कमी?
May 23, 2026 | 07:31 PMअंजनगांव सुर्जी में 2 एकड़ में 10 क्विंटल मूंग का उत्पादन, युवा किसान दर्शन बर्हाणपुरे का प्रयोग सफल
May 23, 2026 | 07:06 PMभीषण गर्मी में पावर कट से हाहाकार, योगी सरकार के एक्शन से बिजली विभाग में हड़कंप! दो अधिकारियों पर गिरी गाज
May 23, 2026 | 07:05 PMविनेश फोगाट की बड़ी जीत, दिल्ली हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत, अयोग्य घोषित करने के फैसले पर WFI को लगाई फटकार
May 23, 2026 | 06:44 PMट्रेन में शिकायत करते ही 2 मिनट में पहुंची सफाई टीम, यात्री ने कहा- भारतीय रेलवे सच में बदल रहा है
May 23, 2026 | 06:37 PMNautapa Health Tips: सोमवार से नौतपा शुरू, यहां जानिए इन दिनों कैसे रखें सेहत का ध्यान
May 23, 2026 | 06:33 PMरोहित शर्मा की फिटनेस पर घमासान! BCCI के दावों के बीच MI के कोच का बड़ा बयान, दिया हैरान करने वाला ये बयान
May 23, 2026 | 06:30 PMवीडियो गैलरी

Petrol-Diesel Prices: डीजल-पेट्रोल के फिर बढ़े दाम,क्या रुक जाएंगी गाड़ियों की रफ्तार?, VIDEO
May 23, 2026 | 04:43 PM
क्या अब शादी सीजन में सस्ता मिलेगा सोना? जानिए पूरा खेल?, VIDEO
May 23, 2026 | 01:51 PM
भारत पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, आज PM नरेंद्र मोदी से करेंगे मुलाकात, जानें शेड्यूल- VIDEO
May 23, 2026 | 01:49 PM
Twisha Sharma Case: सरेंडर करने पहुंचे ₹30,000 के इनामी पति को पुलिस ने दबोचा, हाईकोर्ट ने दिया अहम फैसला
May 23, 2026 | 01:45 PM
इंसान तो दूर, अब बकरे पी रहे हैं गन्ने का जूस, भोपाल के इस VIP बकरे की सेवा देखकर उड़ जाएंगे होश- VIDEO
May 23, 2026 | 01:31 PM
धरने पर बैठीं और दर्ज हो गया केस! जानिए क्यों अचानक कानूनी विवादों में घिरीं सपा सांसद इकरा हसन- VIDEO
May 22, 2026 | 11:01 PM














