बाइक सवार परिवार के सामने अचानक आए 2 बाघ, घबराकर गिरे, फिर ऐसे बची जान

Chandrapur News: चंद्रपुर में बाघ के अचानक हमले से बाइक सवार कुलमेथे परिवार बाल-बाल बचा। बाघ को देखते ही बाइक सवार ने नियंत्रण खो दिया और गिर पड़े। लेकिन बड़ा हादसा होने से टल गया।
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चंद्रपुर की सड़क पर दिखा बाघ (फोटो नवभारत)
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Chandrapur Tiger News: शनिवार की सुबह चंद्रपुर रोड पर बाईक सवार एक परिवार बाघ के हमले से बाल-बाल बच गया। महादवाड़ी निवासी कुलमेथे दंपति और उनका छोटा बेटा जैसे ही बाईक से जा रहे थे, अचानक आगडी और केसलाघाट की झाड़ियों से दो बाघ उनके सामने आ गए। बाघों को देख युवक का वाहन नियंत्रण खो बैठा और वे सभी सड़क पर गिर पड़े।

इसी समय कांग्रेस के राज्य महासचिव और पूर्व जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक अध्यक्ष संतोष सिंह रावत का निजी वाहन से जा रहे थे। रावत ने हॉर्न बजाते हुए बाघों का ध्यान खींचा, जिससे बाघ जंगल की ओर भाग गए। इस वजह से कुलमेथे दंपति और उनका बेटा गंभीर चोटों से बच गए।

संतोष ने घायलों को सुरक्षित घर पहुंचाया

संतोष सिंह रावत ने तुरंत वाहन रोका और घायलों को अपने वाहन में बैठाकर सुरक्षित रूप से चंद्रपुर की ओर पहुँचाया। महादवाड़ी में जैसे ही घटना की चर्चा शुरू हुई, ग्रामीणों ने कहा कि परिवार की जान रावत के समय पर पहुँचने की वजह से ही बची। ग्रामीणों ने इसे “देवदूत की तरह” बताकर सम्मानित किया।

संतोष सिंह रावत ने कहा कि मूल चंद्रपुर राजमार्ग ताड़ोबा-कोलसा अभयारण्य की सीमा से होकर गुजरता है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को अक्सर बाघ देखने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि आज की घटना सावधानी के कारण टल गई और अन्यथा कुलमेथे परिवार पर बड़ा संकट आ सकता था।

रावत ने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जंगल से गुजरने वाले राजमार्ग के दोनों ओर सुरक्षात्मक बाड़ लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस घटना ने स्थानीय लोगों को यह संदेश दिया कि वन्यजीवों के साथ सहअस्तित्व और सुरक्षा दोनों महत्वपूर्ण हैं। बाघों के आवास क्षेत्रों के नजदीक से गुजरते समय सावधानी बरतना जरूरी है, और समय पर सहायता मिलने से किसी भी गंभीर हादसे को टाला जा सकता है।

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