
चंद्रपुर किसान (सौजन्य-नवभारत)
e-NAM Farmer Benefits: केंद्र सरकार ने राज्य में खेती के सामान की मार्केट कमेटियों को मज़बूत बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। जिन मार्केट कमेटियों का सालाना टर्नओवर 80 हज़ार टन से ज़्यादा है और जहां दो या उससे ज़्यादा राज्यों से सामान आता है, उन्हें अब राष्ट्रीय स्तर के ज़रूरी मार्केट का दर्जा दिया जाएगा।
इस फ़ैसले से चंद्रपुर ज़िले की मार्केट कमेटियों का कायाकल्प होगा और किसानों को ग्लोबल मार्केट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जो मार्केट कमेटियां मापदंड पूरा करेंगी, उन्हें राष्ट्रीय दर्जा दिया जाएगा, और आधारभूत संरचना के लिए बड़ी मात्रा में केंद्र का फंड मिलेगा। इससे स्थानीय मार्केट कमेटियों का स्वरुप बदलकर कॉर्पोरेट स्तर का हो जाएगा। जिन मार्केट को राष्ट्रीय दर्जा मिला है, वे देश भर के व्यापारियों के साथ सीधे लेन-देन कर सकेंगी।
e-NAM पोर्टल के ज़रिए, चंद्रपुर ज़िले के किसान दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु के व्यापारियों के साथ सीधे लेन-देन कर सकेंगे। इससे सिर्फ़ स्थानीय मार्केट पर निर्भर रहने की ज़रूरत खत्म हो जाएगी। मंडी कमेटियों का नियंत्रण और पर्यवेक्षण सीधे केंद्र और राज्य सरकारों की देखरेख में होगा।
जिससे स्थानीय राजनीति को अलग रखकर प्रशासकीय पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। किसान अपनी खेती की पैदावार को संकट से बचाते हैं। लेकिन, वे हमेशा पैसे की तंगी में रहते हैं क्योंकि उन्हें अपने पैदावार का अच्छा दाम नहीं मिलता।
मंडी परिसर में पक्की सड़कें, साफ-सफाई और पीने का पानी होगा, खेती के उत्पाद को खराब होने से बचाने के लिए बड़े गोदाम बनाए जाएंगे। डिजिटल तौल कांटे से किसानों के साथ होने वाली धोखाधड़ी रुकेगी। सब्जियों और फलों के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा, सामान की ग्रेडिंग और पंचर करने का सिस्टम बनाया जाएगा।
किसानों को दलाल या एजेंट्स पर निर्भर रहना पड़ता था। नेशनल मंडी में सीधे डिजिटल निलामी होंगी, जिससे बिचौलियों की चेन टूट जाएगी। कृषि उपज मंडी की संचालक व्यवस्था में बदलाव होंगे। राष्ट्रीय गुणवत्ता कमेटियों के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स में सरकारी प्रतिनिधि, खेती के एक्सपर्ट और उन्नत किसान शामिल होंगे, जिससे उम्मीद है कि वे सामरिक फैसले लेते समय व्यवसायिकता और किसानों के हितों को बढ़ावा देंगे।
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चंद्रपुर, वरोरा, कोरपना, राजूरा, मूल की कृषि उपज मंडिया, जिनमें चंद्रपुर जिले से सबसे ज़्यादा आवक होती है, उन्हें इस विशेष श्रेणी में शामिल किए जाने की संभावना है। अगर ये कमेटियां निकषों पर खरी उतरती हैं, तो जिले का खेती का व्यापार बड़े पैमाने पर बढ़ सकता है।
e-NAM व्यवस्था से खेती के उत्पाद की गुणवत्ता परखी जाएगी, देश भर में मांग के हिसाब से गुणवत्ता वाले उत्पाद के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई जाएगी, जिससे किसानों को सही दाम मिलेगा।






