भंडारा में मानव विकास कार्यक्रम बंद, हजारों छात्राओं और महिलाओं पर पड़ेगा असर

Human Development Scheme: महाराष्ट्र सरकार द्वारा मानव विकास कार्यक्रम बंद किए जाने से भंडारा जिले कई तहसीलों के हजारों लोगों की योजनाएं प्रभावित होने की आशंका है।
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Human Development Department (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
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Bhandara Human Development Programme: भंडारा जिले के पिछड़े क्षेत्रों के विकास और मानव विकास सूचकांक में सुधार के उद्देश्य से संचालित मानव विकास कार्यक्रम को राज्य सरकार ने बंद कर दिया है। इस निर्णय से जिले की तुमसर, मोहाडी, लाखनी, लाखांदुर और साकोली तहसीलों के हजारों छात्राओं, गर्भवती महिलाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को मिलने वाली सुविधाएं प्रभावित होने की आशंका है।

क्या था मानव विकास कार्यक्रम ?

राज्य के अति पिछड़े जिलों के समग्र विकास के लिए जिला स्तर पर मानव विकास कार्यक्रम संचालित किया जाता था। इसके माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में विभिन्न नवाचार योजनाएं लागू की जाती थीं। जिला मानव विकास विभाग को हर वर्ष करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध कराया जाता था। भंडारा जिले की पांच तहसीलों के नागरिक इस योजना का लाभ लेते थे। योजना का चयन मानव विकास सूचकांक, प्रति व्यक्ति आय और शिक्षा स्तर के आधार पर किया जाता था।

भंडारा जिले में मानव विकास कार्यक्रम समाप्त

छात्राओं और महिलाओं की योजनाएं होंगी प्रभावित कार्यक्रम बंद होने से गर्भवती महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच, आर्थिक सहायता, छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए मिलने वाला 5 हजार रुपये का अनुदान और निशुल्क बस यात्रा जैसी योजनाओं पर असर पड़ेगा।

लाभार्थियों में बढ़ी चिंता

हर वर्ष करीब 2 से 3 हजार छात्राएं साइकिल योजना का लाभ लेती थीं, लेकिन इस वर्ष निधि उपलब्ध नहीं होने से वितरण प्रक्रिया अटक गई है। इसके अलावा महिला स्व-सहायता समूहों, किसान उत्पादक कंपनियों और आदिवासी वन-धन केंद्रों को मिलने वाली आर्थिक सहायता भी प्रभावित होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के अवसर कम होने की आशंका है।

फंड को लेकर बनी अनिश्चितता

मानव विकास कार्यक्रम के तहत जिला परिषद को शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए करीब 2.5 करोड़ रुपये तथा रोजगार सृजन के लिए 1 करोड़ रुपये का अनुदान मिलता था। अब इस राशि की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि योजनाओं का संचालन संबंधित विभागों को सौंप दिया गया है, लेकिन जरूरतमंदों तक सुविधाएं समय पर पहुंचेंगी या नहीं, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

राज्य सरकार ने क्यों बंद किया कार्यक्रम ?

राज्य सरकार ने 23 जिलों में मानव विकास विभाग बंद करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि समान योजनाओं के लिए अलग-अलग विभागों के काम करने से निधि वितरण में देरी और प्रशासनिक खर्च बढ़ रहा था। अब योजनाओं का बजट संबंधित विभागों को दिया जाएगा, हालांकि चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक संबंधित विभागों को निधि प्राप्त नहीं हुई है। इससे लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिलने को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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