

Chhatrapati Sambhajinagar Car Falls Into Canal: छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठण तहसील के चांगतपुरी मार्ग पर सोमवार रात लगभग 10:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब गूगल मैप के सहारे यात्रा कर रही एक स्विफ्ट कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। हादसे में कार में सवार दंपति सहित तीन लोग तेज बहाव में बह गए, जबकि चालक को ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
यात्रियों को बचाने के प्रयास में नहर में कूदने वाला एक ग्रामीण भी लापता हो गया, घटना के करीब कई घंटे बाद भी लापता लोगों का कोई सुराग नहीं मिल सका है। नहीं थी मार्ग की स्पष्ट जानकारी जानकारी के अनुसार स्विफ्ट कार क्रमांक MH 12 KJ 9032 कोरडगांव से पिंपलवाड़ी की ओर चांगतपुरी मार्ग से जा रही थी।
चालक मोवाइल पर गूगल मैप के निर्देशों का पालन कर रहा था। बताया जाता है कि अंधेरा होने और मार्ग की स्पष्ट जानकारी न होने के कारण वाहन नहर के किनारे तक पहुंच गया।
चालक ने स्थिति संभालने के लिए कार को पीछे लेने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और चांगदेव विद्यालय के सामने पुल के पास दाहिनी ओर स्थित नहर में कार गिर गई।
हादसे के समय नहर में लगभग 2200 क्यूसेक पानी का तेज प्रवाह था। पानी का बहाव इतना अधिक था कि कार कुछ ही क्षणों में डूब गई और उसमें सवार लोग बाहर निकलने के लिए संघर्ष करते रहे।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। लापता लोगों के परिजन घटनास्थल पर डटे हुए हैं और प्रशासन से जल्द से जल्द खोज पूरी करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर इसे मार्ग की गलत दिशा और अंधेरे के कारण हुई दुर्घटना माना जा रहा है।
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि ये अपरिचित और ग्रामीण क्षेत्रों में केवल डिजिटल दिशा-निर्देशों पर निर्भर न रहें तथा सतर्कता के साथ वाहन चलाएं, खोज अभियान जारी है।
कार की पिछली सीट पर बैठे मुकीद अहमद शेख (35 वर्ष निवासी कोरडगांव तहसील पाथर्डी जिला अहिल्यानगर) और उनकी पत्नी नीलोफर मुकीद शेख (30 वर्ष) तेज बहाव में बह गए।
इसी दौरान यात्रियों को बचाने के लिए साहस दिखाते हुए नहर में कूदने वाले रावसाहेब गणपत खडेकर (42 वर्ष, चांगतपुरी, पैठण) भी पानी के तेज बहाव में लापता हो गए।
इस प्रकार हादसे में कुल तीन लो लापता हैं। घटना की सूचना मिलते ही पैठण पुलिस थाने के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कराया।
छत्रपति संभाजीनगर से अग्निशमन दल की विशेष टीम को बुलाया गया, जिसने देर रात तक और मंगलवार को भी खोज अभियान जारी रखा।
नहर की गहराई और तेज बहाव के कारण गोताखोरों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने नहर के पानी का प्रवाह नियंत्रित करने के लिए संबंधित विभाग से संपर्क किया है, ताकि तलाश अभियान में आसानी हो सके।