शहर में बढ़ रहा डेंगू का प्रकोप (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Health Department: बारिश के मौसम ने एक बार फिर महामारी रोगों का खतरा बढ़ा दिया है। इस बार सबसे बड़ा संकट डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों में अचानक हुई वृद्धि है। मनपा स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सिर्फ अगस्त महीने में ही डेंगू के 101 मरीज दर्ज किए गए, जिनमें से 13 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, चिकनगुनिया के भी 5 मरीज सामने आए, जिनमें 3 की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। इस हालात ने नागरिकों और स्वास्थ्य विभाग दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर भी ने छिड़काव और फॉगिंग की जाएगी ताकि मच्छरों की संख्या कम हो सके। जागरूकता अभियान चलाएगी मनपा डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए मनपा प्रशासन ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसमें लोगों को मच्छरों के खतरों और बचाव के उपायों के बारे में बताया जा रहा है। विभाग ने मीडिया, पोस्टर और सोशल मीडिया के – जरिए नागरिकों तक जानकारी पहुंचाने का निर्णय लिया है।
अगस्त की भारी बारिश और बदलते मौसम ने मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर दी हैं। दिन में उमस और रात में नमी के कारण मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नमी वाली जगहों और रुके हुए पानी में मच्छर तेजी से अंडे दे रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका और अधिक बढ़ गई है। शहर के कई इलाकों में नागरिक मच्छरों के आतंक से परेशान है। स्वास्थ विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। नालियों की सफाई, कुलरों और गमलों का पानी नियमित बदलना, और मच्छर भताने वाली दवाओं का उपयोग करना
डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया के मामले भी स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनते जा रहे है। मरीजों को बुखार, तेज बदन दर्द और जोड़ों में सूजन की शिकायत है। अब तक दर्ज किए गए 5 मरीजों में से 3 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह स्थिति बताती है कि मक्छरजनित बीमारिया केवल डेंगू तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य संक्रमण भी तेजी से फैल रहे है।
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डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों से साफ है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते है। स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि नागरिक सतर्क नहीं रहे तो संक्रमण और तेजी से फैल सकता है, प्रशासन ने अगले कुछ महीनों में वैज्ञानिक तरीकों से मच्छरों की रोकथाम के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने की घोषणा की है।
बढ़ते मामलों को देखते हुए मनपा स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल आपातकालीन बैठक बुलाई, विभाग प्रमुख डॉ.। पारस मंडलेचा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में डेंगू और चिकनगुनिया को रोकने के लिए त्वरित रणनीति बनाई गई। इसमें हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान, वहां विशेष निगरानी, और बड़े पैमाने पर छिड़काव अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में निजी अस्पतालों और प्रयोगशालाओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे सभी संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच करें। इसके अलावा, डेंगू और चिकनगुनिया मरीजों के लिए अलग वार्ड और आवश्यक दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है। नागरिकों को भी सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर विलंब न करें और नजदीकी अस्पताल में जाकर जांच करवाएं।
डेंगू के साथ ही चिकनगुनिया के मामले भी स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। मरीजों को बुखार, तेज बदन दर्द और जोड़ों में सूजन की शिकायत है। अब तक दर्ज किए गए 5 मरीजों में से 3 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। यह स्थिति बताती है कि मच्छरजनित बीमारियां केवल डेंगू तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य संक्रमण भी तेजी से फैल रहे हैं।