अवैध उत्खनन पर सख्ती, जान बचाना सरकार की प्राथमिकता, संभाजीनगर में बोले राजस्व मंत्री बावनकुले

Bawankule Statement: राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा कि 10 वर्षों से लंबित राजस्व कर्मचारियों के मुद्दों का समाधान किया जाएगा। ईमानदार अधिकारियों को संरक्षण मिलेगा और अवैध उत्खनन पर सख्त कार्रवाई होगी।
अवैध उत्खनन पर सख्ती Chandrashekhar Bawankule statement
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chandrashekhar Bawankule Statement Hindi News: छत्रपति संभाजीनगर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राजस्व कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों, अवैध उत्खनन, राजनीतिक घटनाक्रम और आगामी चुनावों को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखी।

उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से लंबित राजस्व कर्मचारियों के मुद्दों को सुलझाने के लिए सरकार गंभीर प्रयास कर रही है। बुधवार को छत्रपती संभाजीनगर पहुंचे बावनकुले ने चिखलथाना हवाई अड्डे पर मीडिया कर्मियो से बातचीत की।

बावनकुले ने कहा कि जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, उनके मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है। यदि जांच में किसी प्रकार का दोष सिद्ध नहीं होता है तो ऐसे कर्मचारियों को पुनः उनके पद पर काम करने का अवसर दिया जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी ईमानदारी से और बेहतर कार्य कर रहे हैं, उनके पीछे सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है। राजस्व मंत्री ने कहा कि अवैध रेत उत्खनन और खनिज चोरी के कारण लोगों की जान जा रही है। इसलिए इस पर रोक लगाना अत्यंत आवश्यक है।

अवैध रेत चोरी पर सख्ती

उन्होंने कहा कि अवैध उत्खनन और रेत चौरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राजस्व विभाग को अधिक पारदर्शी, भ्रष्टाचार मुक्त और विकासोन्मुख बनाने के लिए सरकार को कठोर कदम उठाने पड़ते हैं।

राजस्व कर्मचारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान आवश्यक सुरक्षा भी सरकार की ओर से दी जाएगी प्रज्ञा सातव के भाजपा में प्रवेश को लेकर पूछे गए सवाल पर बावनकुले ने कहा कि यदि कोई भाजपा में आना चाहता है तो उसका स्वागत है।

अच्छे और समर्पित कार्यकर्ताओं को अवसर देना भाजपा की नीति है। यदि उन्होंने मन बना लिया है तो पार्टी उनके प्रवेश से इनकार नहीं करेगी।

महाराष्ट्र के खेल मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बावनकुले ने कहा कि इस संबंध में जो भी कानूनी प्रक्रिया होगी, वह न्यायालय के अनुसार चलेगी। उच्च स्तर पर अपील की प्रक्रिया भी उपलब्ध है।