'नौकरी करो या जहन्नुम जाओ', ये इस्लामिक देश नहीं, चेहरा तो दिखाना होगा; हिजाब विवाद पर गिरिराज सिंह

CM नीतीश कुमार के करतब से बिहार में उपजा हिजाब विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, मामले पर पक्ष-विपक्ष दोनों तरफ से प्रतिक्रियाएं आ रही है। अब इस पर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपना बयान दिया है।
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हिजाब विवाद में हिजाब विवाद में गिरिराज का बड़ा बयान (फोटो- सोशल मीडिया)
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Giriraj Singh Statement on Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार में हिजाब विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटवाने के मामले में अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखा हमला बोला है। गिरिराज ने स्पष्ट कहा कि यह कोई इस्लामिक देश नहीं है, इसलिए चेहरा तो दिखाना ही होगा। उन्होंने नीतीश के कदम को सही ठहराते हुए कहा कि अगर कोई नियुक्ति पत्र लेने आ रहा है तो पहचान जाहिर करना जरूरी है। उनका यह बयान अब सुर्खियों में है।

गिरिराज सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब हम एयरपोर्ट या पासपोर्ट ऑफिस जाते हैं तो क्या वहां चेहरा नहीं दिखाते? भारत में कानून का राज है और नीतीश जी ने एक अभिभावक की तरह व्यवहार किया। जब उनसे पूछा गया कि महिला नौकरी छोड़ने का विचार कर रही है, तो मंत्री ने विवादित बयान देते हुए कहा कि वह नौकरी करें या जहन्नुम में जाएं। गिरिराज सिंह के इस बयान ने सियासी पारे को और बढ़ा दिया है।

नेताओं के बिगड़े बोल और सफाई

इस मामले में सिर्फ गिरिराज सिंह ही नहीं, बल्कि यूपी के मंत्री संजय निषाद के बयान पर भी खूब हंगामा हुआ। संजय निषाद ने एक बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर कहीं और छू देते तो क्या हो जाता। हालांकि, बवाल बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई दी। निषाद ने कहा कि वह भोजपुरी भाषी क्षेत्र से आते हैं और उनके बयान का गलत अनुवाद किया गया। उनका कहना था कि हरियाणा या महाराष्ट्र की तरह उनके क्षेत्र की बोली अलग है और उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। वहीं, बिहार के पूर्व सीएम जीतनराम मांझी ने मामले को संभालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का इरादा गलत नहीं था। उन्होंने बेटी समझकर कहा होगा कि काम करने जा रही हो तो हिजाब की क्या जरूरत है। मांझी ने सलाह दी कि इस घटना को धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

अब क्या है नुसरत का फैसला

इन तमाम सियासी बयानों और विवादों के बीच राहत की खबर यह है कि संबंधित महिला डॉक्टर नुसरत परवीन ने नौकरी ज्वाइन करने का फैसला ले लिया है। 15 दिसंबर को हुए इस वाकये के बाद वह काफी असहज हो गई थीं, लेकिन परिवार के समझाने के बाद उन्होंने अपना मन बदल लिया है। खबर है कि नुसरत देर रात कोलकाता से पटना लौट आई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि वह आज गुरुवार को अपनी नई नौकरी ज्वाइन कर सकती हैं। यह पूरा मामला तब शुरू हुआ था जब नियुक्ति पत्र बांटते समय नीतीश कुमार ने महिला को हिजाब हटाने के लिए टोक दिया था।

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