42 हजार हुड़दंगियों पर शिकंजा चुनाव से पहले नाशिक में 'क्लीनअप' अभियान तेज

Nashik: मनपा चुनाव से पहले नाशिक पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पिछले 11 महीनों में 42 हजार से अधिक हुड़दंगियों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने चेताया है कि आदतन अपराधियों को जल्द ही जिला बदर किया जाएगा।
Nashik Police Action
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Nashik News Today : शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आगामी मनपा चुनावों के दौरान शांति सुनिश्चित करने के लिए नाशिक पुलिस ने अपराधियों और उपद्रवियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के निर्देश पर पिछले साढ़े ग्यारह महीनों में शहर के 42 हजार से अधिक हुड़दंगियों के खिलाफ कड़ी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदतन अपराधियों को जल्द ही शहर से तड़ीपार (जिला बदर) किया जाएगा. सड़कों पर होने वाली गुंडागर्दी और मनचलों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस उपायुक्त मोनिका राउत, किशोर काले और किरण कुमार चव्हाण के मार्गदर्शन मे यह मुहिम चलाई जा रही है।

शहर के विभिन्न संवेदनशील हिस्सों में पुलिस की 20 टीमें पिछले दस महीनों से लगातार गश्त कर रही हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैलाने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 112 और 117 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए संदिग्धों से 'गुणवत्ता सुधार शपथ पत्र' भरवाया जा रहा है, ताकि के दोबारा अपराध न करें।

20 टीमें कर रही हैं गश्त

शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आगामी मनपा चुनावों के दौरान शांति सुनिश्चित करने के लिए नाशिक पुलिस ने अपराधियों और उपद्रवियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पुलिस कमिश्नर संदीप कर्णिक के निर्देश पर पिछले साढ़े ग्यारह महीनों में शहर के 42 हजार से अधिक हुड़दंगियों के खिलाफ कड़ी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आदतन अपराधियों को जल्द ही शहर से तड़ीपार (जिला बदर) किया जाएगा।

सड़कों पर होने वाली गुंडागर्दी और मनचलों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस उपायुक्त मोनिका राउत, किशोर काले और किरण कुमार चव्हाण के मार्गदर्शन में यह मुहिम चलाई जा रही है।

शहर के विभिन्न संवेदनशील हिस्सों में पुलिस की 20 टीमें पिछले दस महीनों से लगातार गश्त कर रही हैं। सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैलाने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 112 और 117 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए संदिग्धों से 'गुणवत्ता सुधार शपथ पत्र' भरवाया जा रहा है, ताकि वे दोबारा अपराध न करें।

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