Amravati: अमरावती में पतंगबाजी का सीजन शुरू, लेकिन चाइना मांजे ने बढ़ाई चिंता

पतंगबाजी का शौक ऐसा है, जो मकर संक्रांति के अलावा भी पूरे साल भर जारी रहता है। मानसून के बाद भी अमरावती के आसमान में पतंग उड़ते हुए देखी जा सकती है। लेकिन इसमें चाइना मांजे का तेजी से उपयोग हो रहा है।
Chinese Manjha
चाइनीज मांजा (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Amravati News: पतंगबाजी की बात आए तो कौन नहीं चाहेगा कि वह भी खुले आसमान में इस कला में अपना हाथ आजमाए। इन दिनों शहर में बारिश अब थम-थम कर बरस रही है। ऐसे में पतंगबाजों के हाथों में बड़ी-बड़ी पतंगे व चरखे दिखाई दे रहे हैं।

हर कोई अपनी पतंग को ऊँचे आसमान पर उड़ाना और दूसरे की पतंग को काटना चाह रहा है। मगर अफसोस की बात यह है कि शहर में इस काम के लिए युवा और बच्चे चाइना मांजे का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसके चलते अब शहर में चाइना मांजे की बिक्री और इससे दुर्घटनाओं का दौर भी शुरू हो चुका है।

पतंगबाजी का शौक बच्चे-बूढ़े सब को है। मगर पतंग विक्रेताओं द्वारा कम समय में ज्यादा लाभ पाने की लालच में बच्चों को चाइना मांजे की लत लगा दी गई है। बच्चे भी चिल्लर पतंग विक्रेताओं के पास पतंग के साथ-साथ चाइना मांजे की मांग कर रहे हैं। जिसके कारण पतंग उड़ाते समय स्वयं बच्चों के हाथ कट रहे हैं। वहीं कटी पतंग को पकड़ने और मांजा लुटने के चक्कर में भी कई बच्चे व युवा घायल हो रहे हैं।

चाइना मांजा

देखा जाए तो प्रशासन द्वारा कई बार पतंग विक्रेताओं के पास से चाइना मांजा जब्त कर कार्रवाई की है। किंतु बावजूद इसके बड़ी मात्रा में शहर के विभिन्न स्थानों पर चाइना मांजा खुले आम बिक रहा है। बंदी के बावजूद मांजा बेचने वालों को प्रशासन का कोई भय नहीं दिखाई दे रहा। ऐसे में आम नागरिक प्रशासन पर सवालिया निशान उठा रहे हैं।

पिछले वर्ष हुई कई दुर्घटनाएं बता दें कि चाइना मांजे से हर वर्ष कई तरह की दुर्घटनाएं होती रहती हैं। प्रशासन द्वारा कड़ी पाबंदी के बावजूद भी पतंग विक्रेताओं द्वारा चोरी-छुपे चाइना मांजे का व्यापार बड़ी मात्रा में किया जाता है। शहर में पिछले वर्ष भी कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई और कई लोग इस मांजे से बुरी तरह घायल हो चुके हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com