
भाजपा नेता व मंत्री चंद्रशेखर बानकुले( (सोर्स: सोशल मीडिया)
BJP Ticket Controversy: अमरावती मनपा चुनाव में भाजपा की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया को लेकर भ्रम और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। अंबापेठ प्रभाग से वर्ष 2017 में जीत हासिल करने वाले भाजपा के पूर्व पार्षद अजय सरसकर का इस बार टिकट काट दिया गया है। खास बात यह है कि जिस कांग्रेस उम्मीदवार मिलिंद बांबल को सरसकर ने पिछले चुनाव में हराया था, उसी को भाजपा ने अब उम्मीदवार बनाया है। इससे प्रभाग में जोरदार चर्चा शुरू हो गई है।
2017 में अंबापेठ गोरक्षण प्रभाग से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में सरसकर निर्वाचित हुए थे, लेकिन इस बार सरसकर को छोड़कर बाकी सभी निर्वाचित उम्मीदवारों को दोबारा मौका दिया गया है। पिछली बार सरसकर को 6,167 वोट मिले थे, जबकि मिलिंद बांबल को 3,620 वोट प्राप्त हुए थे। हार के बाद बांबल भाजपा में शामिल हुए और अब उन्हें टिकट दिया गया है। इसे लेकर पार्टी के भीतर से भी नाराजगी की आवाज उठ रही है।
वहीं पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने हाल ही में स्वीकार किया कि सरसकर जैसे कार्यकर्ता का टिकट कटना एक गलती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी ईमानदार कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय नहीं होने देगी और उनके साथ न्याय किया जाएगा।
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अजय सरसकर ने कहा कि जिस उम्मीदवार को उन्होंने हराया, उसी के लिए अब बचार करने के आदेश मिले हैं, जो उनके लिए असमंजस की स्थिति है। वहीं भाजपा उम्मीदवार मिलिंद बांबल ने दावा किया कि वे लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और उन्हें बाहरी कहना गलत है। इस फैसले से अमरावती की राजनीति में असंतोष और चर्चा तेज हो गई है।






