अमरावती में तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मामले, तंबाकू बना मुख्य कारण, 63% आबादी तंबाकू की लत में

Amravati News: अमरावती में विश्व कर्करोग दिवस पर चेतावनी, जिले में हर 1,500 में से दो लोग कैंसर से प्रभावित, 63% आबादी तंबाकू की लत में; अब लैप्रोस्कोपिक उच्चस्तरीय उपचार भी उपलब्ध है।
Cancer risk rising rapidly in Amravati, tobacco the biggest cause: Two out of every 1,500 people in the district suffer from cancer, 63% of the population is addicted to tobacco
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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 Amravati Cancer News: 2 फरवरी को 'विश्व कर्करोग दिन' के मौके पर कर्करोग के बढ़ते खतरे पर ध्यान आकर्षित किया गया है। जिले में कर्करोग का मामला चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुका है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार जिले में कर्करोग का दोगुना खतरा। देश के मुकाबले अमरावती में कर्करोग की दर दोगुनी पाई गई है। जिले में हर 1,500 लोगों में से दो लोग कर्करोग से ग्रसित हैं। साथ ही, करीब 63 प्रतिशत लोग तंबाखू के आदी पाए गए हैं, जो कर्करोग के प्रमुख कारणों में से एक है।

हाल ही में शिक्षण महर्षि और कृषिरत्न डॉ. पंजाबराव देशमुख की जयंती के मौके पर अमरावती में सुजान सर्जिकल एंड कैंसर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार कर्करोग की समाप्ति के लिए प्रयासरत है और रोगियों को न्यूनतम और निशुल्क दरों पर इलाज उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कर्करोग शरीर की कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है और वर्तमान में इस पर कोई स्थायी उपचार उपलब्ध नहीं होने के कारण रोगियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। जिले में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी होने के कारण, मरीजों को इलाज के लिए अन्य शहरों में जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ता है।

उच्चस्तरीय उपचार अब अमरावती में भी उपलब्ध

अमरावती के लिए गर्व की बात है कि हाल ही में सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली के तहत कार्सिनोसार्कोमा (गर्भाशय के कर्करोग) पर सफलतापूर्वक सर्जरी की गई। यह सर्जरी अब तक केवल बड़े महानगरों में ही होती थी, लेकिन अब यह सुविधा अमरावती में भी उपलब्ध हो गई है। इस जटिल और दुर्लभ कर्करोग का इलाज अमरावती में दूरबीन लैप्रोस्कोपिक तकनीक से किया गया, जो एक बड़ी उपलब्धि है।

कैंसर रोग के प्रमुख लक्षण

  • शरीर या स्तन में गांठ का बनना
  • मुंह में लाल या सफेद धब्बे
  • निगलने या बोलने में दिक्कत
  • अचानक वजन घटना और लगातार थकान
  • असामान्य रक्तस्राव या स्राव
  • मलत्याग में परिवर्तन

तंबाकू और गुटखा कर्करोग के मुख्य कारण

अमरावती जिले में तंबाकू सेवन का प्रतिशत अत्यधिक बढ़ चुका है, और यह समस्या स्कूल और कॉलेजों में भी तेजी से फैल रही है। सरकार ने गुटखा बिक्री पर रोक लगा दी है, लेकिन गुपचुप तरीके से इसकी बिक्री जारी है, जिससे कर्करोग का खतरा लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तंबाखू और गुटखा जैसे पदार्थों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाए तो कर्करोग की दर में कमी आ सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का अपील

विश्व कर्करोग दिन के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से तंबाकू और धूम्रपान से दूर रहने की और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की है।

डॉ. आयुष हेडा, कर्करोग विशेषज्ञ ने बताया हैं की

मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में जो लैप्रोस्कोपी तकनीक से कर्करोग की सर्जरी की जाती है, वही अब अमरावती में भी उपलब्ध है। यह पद्धति कम दर्द, कम रक्तस्राव, और छोटी चीरे से की जाती है, जिससे मरीज को जल्दी स्वस्थ होने में मदद मिलती है। अमरावती में इस प्रकार के उच्चस्तरीय उपचारों की उपलब्धता बड़ी उपलब्धि है।

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