

Akola Municipal Corporation: अकोला मनपा में महापौर और उप महापौर का चयन हो चुका है। अब स्थायी समिति सदस्यों और सभापति पद के लिए तो गतिविधियां शुरू ही हैं इसी के साथ साथ अब स्वीकृत सदस्य पदों के लिए भी हलचलें तेज हो गयी हैं। मनपा में कुल 80 पार्षद निर्वाचित हुए हैं। 10 पार्षदों पर एक स्वीकृत सदस्य की नियुक्ति होती है उस अनुसार विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के मिलाकर कुल 8 स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी।
इसके लिए अब सभी राजनीतिक पार्टियों में मंथन शुरू हो गया है। इसी तरह स्वीकृत सदस्य पद पर जाने के इच्छुक राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार प्रयास शुरू हो गए हैं। अब राजनीतिक पार्टियों के संख्या बल के अनुसार स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। इस नियुक्ति के लिए सभी पार्टियों में कार्यकर्ता अपनी ओर से लगातार प्रयास कर रहे हैं।
मनपा में कुल 80 पार्षद हैं। जिसमें भाजपा के 38, कांग्रेस के 21, शिवसेना उबाठा के 6, वंचित बहुजन आघाड़ी के 5, राकां शरद पवार गुट के 3, एमआईएम के 3, शिवसेना शिंदे गुट का 1, राकां अजीत पवार गुट 1, महाविकास समिति 1 तथा 1 निर्दलीय पार्षद का समावेश है। जिसमें भाजपा ने राकां शरद पवार गुट के 3 तथा राकां अजीत पवार गुट का 1, शिवसेना शिंदे गुट का 1, महानगर विकास समिति का 1 पार्षद इस तरह इन सब को मिलाकर शहर सुधार आघाड़ी का गठन किया गया है।
इन सब के मिलाकर आठ स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। स्वीकृत सदस्य पद पर सर्वाधिक सदस्य भाजपा के रहेंगे। इसी तरह दूसरे नंबर पर कांग्रेस रहेगी। इस तरह स्वीकृत सदस्य पदों की नियुक्ति को लेकर समय पर भी विभिन्न राजनीतिक पार्टियां आपस में गठबंधन कर सकती है।
अकोला मनपा स्वीकृत सदस्यों की नियुक्ति को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों में अंतर्गत तनाव की स्थिति है। किसकी नियुक्ति की जाए और किसको छोड़ा जाए इस विषय को लेकर लगातार चर्चाओं के दौर शुरू है। कितना भी सोच समझकर निर्णय लिया जाएगा तो भी कई कार्यकर्ताओं की नाराजगी का सामना विभिन्न पार्टियों के नेताओं को करना पड़ेगा।