अमरावती में बोगस सोयाबीन बीज पर बवाल, किसानों ने पालकमंत्री बावनकुले का किया घेराव

Fake Soybean Seeds: अमरावती में बोगस सोयाबीन बीजों से फसल खराब होने पर स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का घेराव किया।
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सोयाबीन बीज विवाद- फाइल फोटो ( सोर्सः सोशल मीडिया)
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Amravati Bogus Soybean Seed: बोगस सोयाबीन बीजों के कारण किसानों को हुए भारी नुकसान को लेकर स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही बोगस बीज बेचने वाली कंपनियों और किसानों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

बुआई के बाद नहीं हुआ अंकुरण

मोर्शी सहित अमरावती जिले के अधिकांश किसान सोयाबीन और कपास जैसी नकदी फसलों पर निर्भर हैं। इस वर्ष किसानों ने कर्ज लेकर खेतों की जुताई, बुवाई, बीज और कीटनाशकों पर बड़ी राशि खर्च की। लेकिन बुवाई के बाद कई खेतों में केवल 5 से 10 प्रतिशत तक ही बीज अंकुरित हुए, जिससे सैकड़ों हेक्टेयर में फसल प्रभावित हो गई। इससे किसानों पर दोबारा बुवाई और अतिरिक्त खर्च का संकट खड़ा हो गया है।

अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

संगठन की ओर से पालकमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बोगस बीजों की शिकायत करने वाले किसानों पर कुछ अधिकारी शिकायतें वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों को न्याय दिलाने के बजाय यदि अधिकारी कंपनियों का पक्ष लेते हैं, तो उनके खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही दोषी बीज कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर नुकसान की भरपाई कराने की मांग भी की गई।

पहले भी किया था आंदोलन

स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने इससे पहले 6 जुलाई को तहसील कार्यालय के सामने सैकड़ों किसानों के साथ बोगस सोयाबीन कंपनी के बीजों के बोरों की होली जलाकर विरोध प्रदर्शन किया था। संगठन का कहना है कि किसानों को न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

सैकड़ों किसान रहे मौजूद

यह घेराव प्रदर्शन संगठन के जिलाध्यक्ष अमित अढाऊ के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान राजूभाऊ मुले, कुंदन काले, अनिल पवार, नंदकिशोर शेरे, ज्ञानेश्वर विठोसे, स्वप्नील कोठे, प्रफुल उमरकर, पुरुषोत्तम देवतले, प्रशांत परिशे, प्रशांत शिरभाते, दिनेश आमले, गजानन चौधरी, लखन मोहोल, प्रवीण वाघमारे, रवींद्र बुरंगे सहित बड़ी संख्या में पीड़ित किसान उपस्थित थे। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि किसानों को शीघ्र मुआवजा नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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