New UK PM: बिना आम चुनाव के एंडी बर्नहैम बनेंगे ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री, 349 सांसदों का मिला साथ

New UK PM: लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहैम बिना आम चुनाव के ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उन्हें 401 में से 349 सांसदों का समर्थन मिला है और वे देश के 59वें पीएम बनेंगे।
UK Politics: Andy Burnham Is Set To Become New UK PM Without Facing Any General Elections In Britain
एंडी बर्नहैम बनेंगे ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री (सोर्स-सोशल मीडिया)
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New UK PM Labour Party: लेबर पार्टी के नेता एंडी बर्नहैम अब आधिकारिक तौर पर बिना किसी आम चुनाव के ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। देश के राजनीतिक इतिहास में इसे एक बहुत ही अहम और बड़ा बदलाव पूरी तरह से माना जा रहा है। यहां कोई नया आम चुनाव बिल्कुल नहीं हुआ है और न ही किसी आम नागरिक ने इसमें अपना वोट डाला है। फिर भी पार्टी के आंतरिक नेतृत्व चुनाव के जरिए इस बड़े देश को अपना एक नया और मजबूत प्रधानमंत्री मिल गया है।

मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम सोमवार को औपचारिक रूप से ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री का अपना यह सबसे अहम पद संभालेंगे। वह मौजूदा प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर की जगह लेने वाले हैं जिन्होंने पिछले ही महीने अपने इस्तीफे का बड़ा ऐलान किया था। लेबर पार्टी के आंतरिक चुनाव में एंडी बर्नहैम इकलौते और सबसे मजबूत उम्मीदवार के रूप में बिल्कुल अकेले ही खड़े रहे थे। उन्हें अपनी लेबर पार्टी के कुल 401 सांसदों में से 349 सांसदों का बहुत ही भारी और स्पष्ट समर्थन प्राप्त हुआ है।

स्टार्मर का औपचारिक इस्तीफा

मौजूदा प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर सोमवार को सबसे पहले किंग चार्ल्स तृतीय से अहम मुलाकात करके अपना औपचारिक इस्तीफा उन्हें सौंपेंगे। इसके तुरंत बाद ही नए नेता एंडी बर्नहैम नई सरकार बनाने के लिए सीधे बकिंघम पैलेस पहुंचेंगे और मुलाकात करेंगे। वहां राजा उन्हें नई सरकार का गठन करने का आधिकारिक न्योता देंगे जिसके बाद वह ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री बन जाएंगे। फिर वह 10 डाउनिंग स्ट्रीट पहुंचकर देश के नाम अपना सबसे पहला और अहम संबोधन भी वहां से सीधे देंगे।

इस्तीफे की मुख्य वजह

किएर स्टार्मर ने इसी साल जून के महीने में अपने पद से इस्तीफे की बहुत ही बड़ी और अचानक घोषणा की थी। उनके कार्यकाल के दौरान देश में कई बड़े और गंभीर राजनीतिक विवाद बहुत ही तेजी के साथ सामने आए थे। अमेरिका में ब्रिटेन के राजदूत के रूप में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े एक व्यक्ति की नियुक्ति को लेकर भारी आलोचना हुई थी। इसके अलावा मई में स्थानीय निकाय चुनावों में लेबर पार्टी के खराब प्रदर्शन से भी उन पर दबाव काफी ज्यादा बढ़ गया था।

ब्रिटेन की संसदीय प्रणाली

ब्रिटेन की वर्तमान संसदीय व्यवस्था में देश के नए प्रधानमंत्री का सीधा चुनाव वहां की आम जनता बिल्कुल नहीं करती है। आम चुनाव के दौरान देश के लोग केवल अपने स्थानीय सांसदों को ही चुनकर संसद में अपना प्रतिनिधित्व करने भेजते हैं। जिस भी राजनीतिक पार्टी को संसद में स्पष्ट बहुमत मिलता है, उसी का चुना हुआ नेता देश का नया प्रधानमंत्री बन जाता है। कार्यकाल के बीच अगर पार्टी अपना नेता बदलती है, तो बिना आम चुनाव के ही वह नेता सीधे प्रधानमंत्री बन जाता है।

सातवें ऐसे प्रधानमंत्री

दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक दशक में ब्रिटेन के ज्यादातर प्रधानमंत्री इसी खास तरह से सत्ता के शिखर पर पहुंचे हैं। थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक भी पार्टी के नेतृत्व परिवर्तन के जरिए ही इस बड़े पद पर आए थे। अब लेबर पार्टी के एंडी बर्नहैम भी इसी लंबी सूची में शामिल होने वाले देश के सातवें ऐसे प्रधानमंत्री बन जाएंगे। यह दिखाता है कि ब्रिटेन में सरकार बदलने के लिए हर बार आम चुनाव कराना बिल्कुल भी जरूरी नहीं होता है।

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