पुणे में 21 जुलाई से 3 अगस्त तक भारी प्रतिबंध; 5 से अधिक लोगों के जुटने पर रोक
Pune Prohibitory Orders: महाराष्ट्र के पुणे में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने 21 जुलाई से 3 अगस्त तक प्रतिबंध लगा है। पुलिस ने पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक लगा दी है।
- Written By: अनिल सिंह
पुणे पुलिस (फोटो क्रेडिट-X)
Pune Curfew News: महाराष्ट्र के पुणे जिले में सार्वजनिक शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुणे पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 37(1), 37(2) और 37(3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए आगामी 21 जुलाई से 3 अगस्त तक कुल 14 दिनों के लिए संपूर्ण पुलिस आयुक्तालय (कमिश्नरेट) क्षेत्र में कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं।
यह निषेधाज्ञा आदेश 21 जुलाई की रात 12:01 बजे से प्रभावी होकर 3 अगस्त की रात 12:00 बजे तक पूरी तरह से लागू रहेगा। पुलिस उपायुक्त (विशेष शाखा) डॉ. प्रशांत अमृतकर द्वारा आधिकारिक तौर पर जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य आगामी दिनों में विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के संभावित आंदोलनों और त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
त्योहारों और राजनीतिक आंदोलनों के मद्देनजर फैसला
पुलिस प्रशासन के अनुसार, आने वाले हफ्तों में शहर के विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा कई मोर्चों, धरना-प्रदर्शनों, बंद और अनशन जैसे आंदोलनों की रूपरेखा तैयार की गई है। इसके साथ ही लोकशाहीर अण्णाभाऊ साठे जयंती और अन्य क्षेत्रीय त्योहारों के अवसर पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है।
सम्बंधित ख़बरें
ईएसआईएस कार्डधारकों के लिए बड़ी राहत; नासिक के एसएमबीटी अस्पताल में अब मिलेगा पूरी तरह कैशलेस इलाज
मुंबई में सभी पेड़ों का होगा वैज्ञानिक सर्वेक्षण, BMC तैयार करेगी जोखिम आधारित ट्री डेटाबेस
नासिक जिले के छात्रों के लिए ST की राहत; शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही 28,226 विद्यार्थियों को मिले बस पास
ठाणे में 400 परिवारों को राहत: 10 साल से रुके MHADA पुनर्विकास मामले में डेवलपर गिरफ्तार
सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना सक्षम पुलिस अधिकारी या पुलिस आयुक्त की पूर्व लिखित अनुमति के पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एक स्थान पर एकत्र होने, कोई भी जनसभा आयोजित करने या राजनीतिक जुलूस निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
ये भी पढ़ें- मुंबई में सभी पेड़ों का होगा वैज्ञानिक सर्वेक्षण, BMC तैयार करेगी जोखिम आधारित ट्री डेटाबेस
हथियारों, पुतले फूंकने और भड़काऊ भाषणों पर पूर्ण प्रतिबंध
इस निषेधाज्ञा आदेश के तहत शहर के भीतर किसी भी प्रकार के विस्फोटक, ज्वलनशील या दाहक पदार्थों को साथ लेकर चलने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर पत्थर, घातक हथियार, तलवार, भाले, लाठी, डंडे, बंदूक अथवा किसी भी ऐसे उपकरण को लेकर चलने, उन्हें एक स्थान पर एकत्र करने या उनका निर्माण करने पर पाबंदी रहेगी जिससे किसी व्यक्ति को शारीरिक नुकसान पहुंच सकता हो।
कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों पर नियंत्रण कसते हुए पुलिस ने किसी भी व्यक्ति, राजनीतिक नेता या प्रतीकात्मक पुतले के सार्वजनिक प्रदर्शन अथवा दहन करने पर रोक लगा दी है। साथ ही, सार्वजनिक मंचों से भड़काऊ नारे लगाने, अश्लील टिप्पणियां करने, उत्तेजक भाषण देने या ऐसी किसी भी पोस्टर, बैनर और दृश्य सामग्री का प्रसार करने पर सख्त पाबंदी रहेगी जो समाज की नैतिकता या राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालती हो।
सोशल मीडिया रील्स के जरिए दहशत फैलाने वालों की अब खैर नहीं
आधुनिक दौर की चुनौतियों से निपटने के लिए पुणे पुलिस ने इस आदेश में एक बेहद महत्वपूर्ण और नया प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हथियारों के साथ रील बनाने, समाज में दहशत या खौफ का माहौल पैदा करने, किसी को डिजिटल माध्यम से धमकी देने या आपराधिक गतिविधियों का महिमामंडन करने वाले अकाउंट्स और युवाओं पर आईटी एक्ट के साथ-साथ पुलिस अधिनियम के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, यह आदेश सरकारी कर्तव्यों पर तैनात कर्मचारियों, वैध हथियार रखने वाले सुरक्षा अधिकारियों और 3.5 फुट तक की लाठी रखने वाले मान्यता प्राप्त निजी सुरक्षा गार्डों व चौकीदारों पर प्रभावी नहीं होगा।
पुणे पुलिस ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि आदेश की अवहेलना करने वाले किसी भी नागरिक या संगठन के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम, 1951 की धारा 135 के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि 3 अगस्त को आदेश की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी, उल्लंघन की अवधि में दर्ज मामलों की न्यायिक और दंडात्मक प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। पुलिस ने आम जनता से इन शांति व्यवस्था के नियमों का पालन करने की अपील की है।
