

Pakistan Petrol Diesel Price Hike News In Hindi: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी उछाल का असर अब पाकिस्तान की जनता की जेब पर पड़ने लगा है। पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।
इस फैसले के साथ ही सरकार ने एक बड़ा नीतिगत बदलाव भी किया है, जिसके तहत अब पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें साप्ताहिक या पाक्षिक आधार पर नहीं, बल्कि रोजाना तय की जाएंगी।
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक फरमान के अनुसार, पेट्रोल की कीमत में 5.44 पाकिस्तानी रुपये (PKR) प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 31.05 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की गई है।
इस इजाफे के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल अब 316.15 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपये प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया है। ये नई दरें शनिवार से लागू हो चुकी हैं और फिलहाल 20 जुलाई तक प्रभावी रहेंगी।
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार होने वाले उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। वजीर-ए-आजम और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को जिम्मेदारी सौंपी है कि वह प्रतिदिन ईंधन की कीमतें तय करे।
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ओजीआरए अपनी वेबसाइट पर न केवल नई कीमतें, बल्कि उनके निर्धारण के पीछे का आधार और डेटा भी सार्वजनिक करेगा।
पाकिस्तान सरकार ईंधन की बढ़ती कीमतों के बावजूद पेट्रोल और डीजल पर भारी टैक्स वसूल रही है। सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान में सरकार विभिन्न शुल्कों जैसे कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन (IFEM) के रूप में लगभग 105 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर वसूल रही है।
मार्च से ही सरकार साप्ताहिक आधार पर कीमतों की समीक्षा कर रही थी, लेकिन वैश्विक अस्थिरता के कारण अब इसे दैनिक कर दिया गया है।
ईंधन की कीमतों में इस वृद्धि का सीधा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और आम आदमी पर पड़ना तय है। पेट्रोल का उपयोग मुख्य रूप से मोटरसाइकिल, ऑटो-रिक्शा और छोटे निजी वाहनों में होता है, जिससे मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग सीधे प्रभावित होगा।
दूसरी ओर, डीजल की कीमतों में 31 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी चिंताजनक है क्योंकि इसका उपयोग भारी मालवाहक वाहनों, बिजली संयंत्रों और बड़े जनरेटरों में होता है। इससे माल ढुलाई महंगी होगी, जिसके परिणामस्वरूप खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है।
सरकार के इस 'डेली प्राइसिंग' मॉडल का विरोध भी शुरू हो गया है। 'ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन' ने रोजाना कीमतें बदलने के फैसले को अव्यावहारिक बताते हुए इसका विरोध किया है।
एसोसिएशन का कहना है कि इससे उनके कारोबार और स्टॉक मैनेजमेंट में बड़ी समस्याएं आएंगी। संगठन ने अगले सप्ताह अपनी अगली रणनीति और विरोध प्रदर्शन की घोषणा करने की बात कही है।