
सिटी कोतवाली पुलिस ने 'परी बिंदी घर' दूकान पर जेसीबी चलाकर अतिक्रमण हटाया (इमेज- नवभारत)
Encroachment Action Akola News: अकोला शहर के गांधी रोड क्षेत्र में घटी घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। महिलाओं का विश्वास जीतने वाले ‘परी बिंदी घर’ नामक कॉस्मेटिक दूकान के पीछे विकृति, यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और धर्म परिवर्तन के दबाव का केंद्र होने का खुलासा हुआ। इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए मनपा प्रशासन ने बुधवार की देर शाम ‘परी बिंदी घर’ दूकान पर जेसीबी चलाकर अतिक्रमण हटाया।
सिटी कोतवाली पुलिस के अनुसार, यह अमानवीय अत्याचार वर्ष 2024 से 2026 तक जारी था। अंततः पीड़िता ने साहस जुटाकर शिकायत दर्ज कराई और इस घृणित रैकेट का पर्दाफाश हुआ। शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली थाने में सामूहिक दुष्कर्म सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में चार आरोपी सामने आए हैं और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।विवादित ‘परी बिंदी घर’ मामले में पूर्व पार्षद राजेश मिश्रा ने भी हस्तक्षेप करते हुए स्थल का मापन करने की मांग की थी।
अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचकर उन्होंने घटना पर आक्रोश व्यक्त किया और मनपा से अतिक्रमण हटाने की मांग की। मनपा के अतिक्रमण विरोधी पथक ने कार्रवाई करते हुए दूकान का मापन किया और बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया। गुरुवार को भी इसी के अंतर्गत कार्रवाई को पूरा गया है। यह कार्रवाई मनपा आयुक्त डा. सुनील लहाने के आदेशानुसार, उपायुक्त विजय पारतवार और पूर्व जोन प्रमुख राजेश सरप के निर्देशों पर अतिक्रमण विभाग के अधिकारी चंद्रकांत इंगले, राहुल राऊत और प्रवीण मिश्रा द्वारा की गई।
यह भी पढ़ें:- अकोला: वैनगंगा-नलगंगा नदी जोड़ परियोजना को जल्द मिलेगी अंतिम मंजूरी; आठ जिलों को मिलेगा सिंचाई का लाभ
मिश्रा शिवसेना शिंदे गुट के महानगर प्रमुख राजेश मिश्रा द्वारा परी बिंदी घर इस दूकान को तोड़ने की मांग की गयी थी, उसी अनुसार मनपा द्वारा उस दूकान को तोड़ा गया है। इस बारे में राजेश मिश्रा का कहना है कि, परी बिंदी घर में हुए यौन शोषण के मामले में जो भी दोषी है उन पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। अपराधियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
इसी तरह उन्होंने मांग की है कि, लव जीहाद को रोकने के लिए सरकार ने सख्त से सख्त कानून तैयार करना चाहिए, ऐसी विनती उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है। उन्होंने कहा कि, इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ती न हो इस ओर पुलिस ने गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। इस तरह की घटनाओं को रोकना बहुत जरूरी है।






