अकोला: शालार्थ प्रणाली में रिकॉर्ड अपडेट करना अनिवार्य, न करने पर 15 फरवरी से रोका जाएगा वेतन

Akola News: शालार्थ प्रणाली में सेवा रिकॉर्ड व दस्तावेज अपडेट न करने वाले शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों का वेतन, भत्ते व बकाया 15 फरवरी से रोका जाएगा। 6 पदों पर संचमान्यता अनुसार ही वेतन भुगतान होगा
Akola: Updating records in the Shalarth system is mandatory; failing which salaries will be withheld from February 15
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Shalarth Website Update News: सरकार की शालार्थ वेतन प्रणाली में डिजिटल सर्विस रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेज अद्ययावत न करने वाले शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का वेतन, भत्ते और बकाया देयक 15 फरवरी से रोक दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वेतन प्रणाली पूरी तरह ऑनलाइन की जाएगी।

सभी अनुदानित विद्यालय, कनिष्ठ महाविद्यालय और शिक्षा विभाग से संबद्ध कार्यालयों के शिक्षक व शिक्षकेतर कर्मचारियों को अपनी सेवा पुस्तिका, नियुक्ति आदेश, पदोन्नति, वेतन वृद्धि, शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाणपत्र और सेवा अखंडता प्रमाणपत्र आदि दस्तावेज शालार्थ प्रणाली पर अपलोड कर अद्ययावत करना अनिवार्य किया गया है। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद जिन कर्मचारियों की नोंद अधूरी रहेगी, उनका वेतन और भत्ते रोक दिए जाएंगे।

इस कार्रवाई में मुख्याध्यापक, सहायक शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, लिपिक, शिपाई और प्रयोगशाला सहायक सभी शामिल होंगे। किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी। शालार्थ राज्य शासन की ऑनलाइन वेतन और सेवा प्रबंधन प्रणाली है। इसके माध्यम से वेतन, भत्ते, भविष्य निधि, पेंशन और सेवा रिकॉर्ड संगणकीकृत रूप में प्रबंधित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य पारदर्शिता, सटीकता और समय पर वेतन वितरण सुनिश्चित करना है।

संचमान्यता अनुसार ही वेतन और भत्ते होंगे अदा

शालार्थ प्रणाली में दर्ज नोंद संचमान्यता के आधार पर ही जांची जाएंगी। अतिरिक्त या अनधिकृत नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस संबंध में जिले स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि वेतन वितरण में पारदर्शिता और अनुशासन कायम रहे। 6 पदों पर वेतन का भुगतान

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