नागपुर बनेगा देश का नया 'इंडस्ट्रियल हब'; CM फडणवीस के नेतृत्व में 11 दिग्गज कंपनियों के साथ ऐतिहासिक करार

Davos Tour: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित WEF विदर्भ और नागपुर विभाग के लिए औद्योगिक क्रांति का नया सवेरा लेकर आया है। सीएम फडणवीस के नेतृत्व में हुए समझौतों ने निवेश के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
Davos WEF brings a massive ₹5.92 lakh crore investment for Nagpur division. JSW, Reliance, and others to create 47,000 jobs in Vidarbha's Green Energy & Steel sectors.
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Nagpur Davos Investment 2026: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) में नागपुर विभाग ने निवेश के मामले में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में हुए विभिन्न समझौतों के तहत नागपुर विभाग के लिए 5,92,746 करोड़ रुपये के निवेश पर मुहर लगी है। इस भारी-भरकम निवेश से न केवल क्षेत्र का औद्योगिक विकास होगा बल्कि विदर्भ के लगभग 47,000 युवाओं के लिए प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

11 बड़ी कंपनियों के साथ करार

नागपुर विभाग के औद्योगिक, तकनीकी और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए कुल 11 प्रमुख कंपनियों के साथ सामंजस्य करार (एमओयू) किए गए हैं। यह निवेश मुख्य रूप से ग्रीन एनर्जी, स्टील, मेटल, इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर, ऑटोमोटिव और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में किया गया है।

प्रमुख निवेश और उनसे जुड़ीं कंपनियां

जेएसडब्ल्यू ग्रुप का दबदबा : जेएसडब्ल्यू ग्रुप स्टील, एनर्जी और सीमेंट क्षेत्र में अकेले 3 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा। इससे करीब 10,000 नौकरियां पैदा होंगी। इसके अलावा समूह गड़चिरोली में स्टील क्षेत्र में अलग से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगा।

ग्रीन एनर्जी पर जोर : ‘पावरिंग ऊर्जा’ समूह 60,299 करोड़ रुपये और ‘वारी एनर्जी’ 30,000 करोड़ रुपये का निवेश ग्रीन एनर्जी क्षेत्र में करेंगे। ‘हॉयझिरो’ कंपनी भी 16,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 10,000 लोगों को रोजगार देगी।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर : ‘वर्धमान लिथियम’ इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 42,535 करोड़ रुपये का निवेश करेगी जिससे 5,000 युवाओं को काम मिलेगा। वहीं ‘एमएसएन होल्डिंग्स’ सोलर सेक्टर में 15,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

गड़चिरोली और काटोल का विकास : गड़चिरोली में ‘लॉयड मेटल’ 16,580 करोड़ रुपये खर्च करेगी जिससे जिले के 3,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं काटोल में ‘रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट लिमिटेड’ खाद्य एवं पेय पदार्थ क्षेत्र में 1,513 करोड़ रुपये का निवेश कर 2,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर बनाएगी।

बुनियादी ढांचा और जमीन की उपलब्धता

इन सभी परियोजनाओं के लिए कुल 23,276 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए 1,466 एकड़ भूमि पहले ही उपलब्ध करा दी है। जेएसडब्ल्यू जैसी बड़ी कंपनियों को ऑफर लेटर भी जारी कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री का विजन और नागपुर की नई पहचान

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रयासों ने नागपुर को निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। नागपुर विभाग में विकसित हो रही बुनियादी सुविधाओं (जैसे समृद्धि महामार्ग और मेट्रो) के कारण निवेशक यहां आकर्षित हो रहे हैं। इस निवेश से नागपुर अब देश के प्रमुख 'इंडस्ट्रियल हब' के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर पलायन रुकेगा और आर्थिक समृद्धि आएगी।

प्रमुख कंपनियों के साथ हुए समझौते

कंपनी का नाम निवेश (₹ करोड़) क्षेत्र अपेक्षित रोजगार
जेएसडब्ल्यू ग्रुप 3,00,000 स्टील, एनर्जी, सीमेंट 10,000
जेएसडब्ल्यू ग्रुप (गड़चिरोली) 1,00,000 स्टील
पावरिंग ऊर्जा 60,299 ग्रीन एनर्जी 8,000
वर्धमान लिथियम 42,535 इलेक्ट्रॉनिक्स 5,000
वारी एनर्जी 30,000 ग्रीन एनर्जी 7,500
हॉयझिरो 16,000 ग्रीन एनर्जी 10,000
लॉयड मेटल (गड़चिरोली) 16,580 एनर्जी 3,500
एमएनएस होल्डिंग्स 15,000 सोलर 500
रिलायंस कंज्यूमर 1,513 फूड (काटोल) 2,000
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