

Akola Farmers Fraud: महाराष्ट्र की महायुति सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है। घटिया और नकली बीज बेचने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित किसानों को राहत देने के लिए आगामी 15 जुलाई को मंत्रालय में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने इस संबंध में विधायक रणधीर सावरकर की मांग पर तुरंत संज्ञान लेते हुए उन्हें इस बैठक के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है।
सावरकर की आक्रामक मांग का हुआ असर। विधायक रणधीर सावरकर ने दोतीन सप्ताह पहले विधानसभा सत्र के दौरान और व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर नकली बीज माफियाओं पर कार्रवाई की पुरजोर मांग की थी। इसके बाद कुछ शुरुआती कार्रवाई तो हुई, लेकिन विधायक सावरकर ने इसे नाकाफी बताया था।
किसानों को पूरा न्याय दिलाने के लिए हाल ही में अकोला जिलाधिकारी वर्षा मीणा के कक्ष में किसान, कृषि अधिकारी, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधि और कृषि दवा विक्रेताओं की एक संयुक्त बैठक हुई। इस बैठक में आए सुझावों और किसानों की भावनाओं को विधायक सावरकर और विधायक हरीश पिंपले ने तुरंत कृषि मंत्री और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तक पहुंचाया। नतीजतन, शासन ने बिना वक्त गंवाए 15 जुलाई को उच्च स्तरीय बैठक तय कर दी।
विधायक रणधीर सावरकर की किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनके अध्ययनशील स्वभाव की चर्चा इन दिनों राजनीतिक गलियारों में जोरों पर है। सावरकर ने किसानों के हित में जिस कर्जमाफी योजना का खाका सुझाया था, उसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अमलीजामा पहनाया। सरकार के इस बड़े फैसले का महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री शरदचंद्र पवार ने भी स्वागत किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में महायुति सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाली कंपनियों को बख्शा नहीं जाएगा। 15 जुलाई को होने वाली बैठक में इस बात पर ठोस रणनीति बनेगी कि पीड़ित किसानों को तुरंत कैसे मदद पहुंचाई जाए और दोषी कंपनियों पर क्या सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।