

Thane Ghongadi Baithak Tehsildar Listens: ठाणे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की समस्याओं को सुनकर उन्हें तुरंत हल करने के उद्देश्य से, भिवंडी तहसील प्रशासन की 'घोंगड़ी बैठक' पहल की सराहना हो रही है।
उल्लेखनीय है कि शहापुर तालुका में इस पहल की ज़बरदस्त सफलता के बाद, अब भिवंडी तालुका में भी इसे असरदार तरीके से लागू किया जा रहा है। यह पहल ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के लोगों के लिए प्रशासन के प्रति नई उम्मीद जगाने वाली साबित हो रही है।
'घोंगड़ी बैठक' में बड़े प्रशासनिक अधिकारी बिना किसी तामझाम के गांव में पहुंचकर स्वयं चटाई पर आमने सामने बैठ कर लोगों से सीधे बातचीत करते हैं,और उनकी समस्याओं को जानकर न सिर्फ उनका निपटारा कर रहे हैं,बल्कि कई सरकारी योजनाओं की जानकारी लाभार्थी तक पहुंचाने के लिए मार्गदर्शन के साथ निर्देश भी दे रहे हैं।
इसकी शुरुआत ठाणे के युवा जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल की संकल्पना से अतिरिक्त जिलाधिकारी हरिश्चंद्र पाटिल, निवासी उप जिलाधिकारी डॉ. संदीप माने, भिवंडी के एसडीओ अमित सानप के मार्गदर्शन में हुई।
भिवंडी में इस तरह की 'घोंगड़ी बैठक' तहसीलदार अभिजीत खोले के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इस दौरान तहसीलदार अभिजीत खोले ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की समस्या सुनी। इस दौरान सड़क, पीने का पानी, बिजली सप्लाई, रेवेन्यू से जुड़े मामलों के साथ-साथ पेंडिंग फॉरेस्ट राइट्स क्लेम जैसे कई मुद्दों पर डिटेल में चर्चा की गई।
बैठक में नायब तहसीलदार विशाल इंदुलकर, अतुल नाइक, किरण केदार, भिवंडी तहसील ऑफिस के अधिकारी और कर्मचारी, शेलार मंडल अधिकारी धनंजय वतारी, साथ ही उनके सबऑर्डिनेट विलेज रेवेन्यू ऑफिसर रूपेश करभारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और किसान मौजूद थे।
उन्होंने तहसीलदार के समक्ष खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। तहसीलदार ने भी मौके पर ही कई मुद्दों पर ध्यान देते हुए, संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही का निर्देश दिया।
बैठक में अलग-अलग सरकारी स्कीमों की जानकारी देते हुए उनका लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मार्गदर्शन किया गया। तहसील प्रशासन ने भरोसा जताया कि इस पहल से दूर-दराज़ के इलाकों के लोगों को सरकारी ऑफिसों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पेंडिंग कामों में तेज़ी आएगी।
ठाणे जिले की श्रमजीवी संगठन की पूर्व उपाध्यक्ष संगीता भोमटे, साथ ही BJP किसान मोर्चा, भिवंडी तालुका प्रेसिडेंट, पूर्व उपसरपंच गोरख पाटिल ने इस नई पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील तहसीलदार अभिजीत खोले द्वारा स्वयं ग्रामीणों के दरवाज़े तक जाकर उनकी समस्याएं सुनना और उन्हें तुरंत हल करने की कोशिशों सराहनीय है।
'घोंगड़ी बैठक' पहल से रेवेन्यू एडमिनिस्ट्रेशन और नागरिकों के बीच सीधी बातचीत और असरदार होगी, और गांव लेवल पर नागरिकों की समस्याओं को हल करने में मदद मिलेगी। यह पहल ग्रामीण इलाकों में तहसील प्रशासन को ज़्यादा असरदार, ट्रांसपेरेंट और अकाउंटेबल बनाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है। इस पहल का स्वागत बड़ी संख्या में लोग कर रहे हैं।