अकोला में कांवड़ और पालकी उत्सव की तैयारी तेज, 16 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक

Akola Palakhi Utsav: अकोला जिले में सावन माह के कांवड़ और पालकी उत्सव को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। 16 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय में बैठक आयोजित की जाएगी।
akola kanwar palakhi utsav sawan yatra preparation 2026
अकोला प्रशासन बैठक- (सोर्सः सोशल मीडिया)
Updated on

Akola Kanwar Yatra: सावन मास का आरंभ 13 अगस्त से होने जा रहा है। इस माह में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक कांवड़ और पालकी उत्सव बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसी पृष्ठभूमि पर कानूनव्यवस्था, यातायात नियोजन और श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु पूर्व तैयारी जायजा बैठक 16 जुलाई को शाम 4 बजे जिला नियोजन भवन, जिलाधिकारी कार्यालय, अकोला में आयोजित की जाएगी।

बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी वर्षा मीणा करेंगी।सभी संबंधित विभागों को अपनेअपने विभाग द्वारा किए गए नियोजन की जानकारी के साथ बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। पालकी व शोभायात्रा निकलेगी सावन माह के प्रमुख दिनों में 17 अगस्त पहला सावन सोमवार, 24 अगस्त दूसरा सावन सोमवार, 31 अगस्त तीसरा सावन सोमवार श्री क्षेत्र धारगड यात्रा, 7 सितंबर चौथा सावन सोमवार का समावेश है।इन दिनों शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कांवड़ और पालकी की भव्य शोभायात्राएं निकलेंगी।

सावन उत्सव की तैयारी शुरू

सावन माह का कांवड़ और पालकी उत्सव जिले की धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक है। प्रशासन ने इस बार व्यापक नियोजन कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। सावन सोमवार को बड़ी संख्या में शिवभक्त गांधीग्राम स्थित पूर्णा नदी के तट पर एकत्र होते हैं।

मध्यरात्रि के बाद कांवड़धारी पूर्णा नदी का पवित्र जल कांवड़ में भरकर शहर के श्री राजराजेश्वर मंदिर में ले जाते हैं और भगवान महादेव की पिंडी पर जलाभिषेक करते हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा को प्रशासन का विशेष प्लानशोभा यात्रा का मार्ग इस प्रकार रहेगा।

अकोला में कांवड़-पालकी शोभायात्रा के लिए प्रशासन का नियोजन

जिसमें आपातापा नाका, रेल्वे पुल, शिवाजी महाविद्यालय, अकोट स्टैंड, मामा बेकरी, बियाणी चौक, कपड़ा बाजार, सराफा लाइन, गांधी चौक, कोतवाली चौक, लोखंडी पुल, काला मारोती टर्न, जय हिंद चौक से राजराजेश्वर मंदिर का समावेश है। इस पूरे मार्ग पर कानूनव्यवस्था बनाए रखने, यातायात नियंत्रण, स्वास्थ्य सेवाएं, अग्निशमन, बिजली, पानी की आपूर्ति और अन्य आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से नियोजन किया जाएगा।

पुलिस विभाग कानूनव्यवस्था और सुरक्षा का जिम्मा संभालेगा। स्वास्थ्य विभाग श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और एम्बुलेंस की व्यवस्था करेगा।अग्निशमन विभाग और विद्युत विभाग आपातकालीन सेवाओं के लिए तैयार रहेंगे। नगर परिषद और ग्राम पंचायतें जल व स्वच्छता की व्यवस्था करेंगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com