नागपुर मनपा अब होगी और हाई-टेक: अदालती मामलों की निगरानी के लिए जल्द लागू होगा e-CMS सिस्टम, HC में दी जानकारी

Nagpur Court Case Monitoring: नागपुर मनपा ने हाई कोर्ट में बताया कि अदालती मामलों की निगरानी और आदेशों के समय पर पालन के लिए जल्द ही इलेक्ट्रॉनिक कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम (e-CMS) लागू किया जाएगा।
Nagpur Municipal Corporation to become more high-tech: e-CMS system for monitoring court cases to be implemented soon; information provided to the High Court.
नागपुर मनपा, हाई कोर्ट,(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Nagpur Electronic Court Case Management: नागपुर पूनम टॉवर और पूनम चैंबर्स में हुए अनधिकृत निर्माण को लेकर विजय बाभरे ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान उस समय मनपा ने चौंकाने वाला हलफनामा दायर किया जहां मनपा में मुकदमों की हाई-टेक निगरानी की वकालत की गई।

सुनवाई के दौरान मनपा ने अपनी कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए एक बड़े बदलाव की घोषणा की। अदालती मुकदमों की निगरानी और कोर्ट के आदेशों के पालन में होने वाली देरी को दूर करने के लिए मनपा जल्द ही 'इलेक्ट्रॉनिक कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम' (e-CMS) लागू करने जा रही है।

मनपा की इस हाई टेक सिस्टम की प्रभावशीलता को देखने के लिए न्यायाधीश अनिल पानसरे और न्यायाधीश रजनीश व्यास ने मामले की सुनवाई 12 अगस्त तक के लिए टाल दी। मनपा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमजी भांगडे और अधि। जैमिनी कासट ने पैरवी की।

10 अगस्त से ई-कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू

10 अगस्त तक शुरू होगा ई-कोर्ट केस सिस्टम मंगलवार को सुनवाई के दौरान मनपा आयुक्त ने हलफनामा पेश किया। हलफनामे में स्वीकार किया गया है कि वर्तमान में कोर्ट केस की फाइलें और रजिस्टर अलग-अलग कार्यालयों में मैन्युअल रूप से (हाथों से) रखे जाते हैं। इसके कारण न केवल जानकारी बिखरी रहती है बल्कि रिकॉर्ड खोजने में भी काफी देरी होती है।

एक केंद्रीकृत डेटाबेस न होने की वजह से वरिष्ठ अधिकारियों के लिए मुकदमों की प्रगति, हलफनामे, अपील और अदालती आदेशों के पालन की निगरानी करना बेहद मुश्किल हो जाता है। अब केस मैनेजमेंट सिस्टम 10 अगस्त तक लागू कर दिया जाएगा।

अवैध निर्माणों पर भी कसेगी नकेल मनपा आयुक्त ने यह भी बताया कि मुकदमों के अलावा शहर में अवैध निर्माणों को गिराने के लिए 9 जुलाई 2026 को एक नया सर्कुलर जारी किया गया है। इसके तहत एक सख्त तंत्र बनाया गया है।

e-CMS से कैसे आएगी पारदर्शिता ?

मैन्युअल सिस्टम की इन खामियों को दूर करने के लिए मनपा के आईटी सेल ने 'ई-सीएमएस' विकसित किया है। यह एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा जिसमें मनपा से जुड़े सभी लंबित और निपटाए जा चुके मुकदमों की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।

सुनवाई की अगली तारीख, अदालती आदेशों के पालन और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। वर्तमान में यह सिस्टम ट्रायल पर है और उम्मीद है कि 10 अगस्त 2026 तक यह पूरी तरह से काम करने लगेगा।

वेबसाइट पर होगी अवैध निर्माणों की लिस्ट

मनपा का आईटी सेल उन सभी अवैध निर्माणों की सूची मनपा की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करेगा जिन पर कार्रवाई शुरू की गई है और इस सूची को नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा। अतिरिक्त आयुक्त को सभी जोनल कार्यालयों से रिपोर्ट लेकर हर पखवाड़े समीक्षा करने और आयुक्त को हर तिमाही प्रगति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

लापर्वाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

जोनल अधिकारियों या सहायक आयुक्तों द्वारा अपने कर्तव्य में कोई भी लापरवाही या सुस्ती बरतने पर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अदालत मुख्य रूप से इस बात की जांच कर रही थी कि उसके आदेशों के अनुपालन के लिए मनपा ने क्या कदम उठाए हैं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने मनपा से सीधा सवाल किया कि क्या 10 अगस्त को शुरू होने वाला नया सिस्टम कोर्ट के आदेशों के सभी 'लंबित अनुपालनों' को दिखाएगा? मनपा के वरिष्ठ वकील द्वारा हां में जवाब दिए जाने के बाद अदालत ने इस सिस्टम की प्रभावशीलता देखने के लिए मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त 2026 तय की है।

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