संगमनेर में 73% मतदान, मतदान केंद्रों पर भीड़, संगमनेर सेवा समिति और महायुती के बीच सीधी टक्कर

Mahayuti Vs Sangamner Seva Samiti: संगमनेर नगरपरिषद चुनाव में 73% मतदान, मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भारी भीड़, महायुती और संगमनेर सेवा समिति में कड़ा मुकाबला। रात 8 बजे तक मतदान जारी रहा।
संगमनेर में चुरस भरे वातावरण में 73% मतदान
संगमनेर में चुरस भरे वातावरण में 73% मतदान (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Sangamner Municipal Council: संगमनेर शहर के 15 प्रभागों में कुल 57,714 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से शाम साढ़े पाँच बजे तक 41,988 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस प्रकार संगमनेर नगर परिषद चुनाव में लगभग 73 प्रतिशत मतदान हुआ। अब अगले पाँच वर्षों के लिए नगराध्यक्ष और नगरसेवक कौन होगा, इसका फैसला ईवीएम में बंद हो चुका है।

नगराध्यक्ष और नगरसेवक पदों के लिए महायुती और संगमनेर सेवा समिति के बीच कड़े मुकाबले का माहौल रहा। दोनों पक्षों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। मतदान से ठीक पहले तक आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे, जिसके कारण चुनावी वातावरण पूरी तरह गर्म हो गया था। नगराध्यक्ष की सिर्फ 1 सीट के लिए 9 उम्मीदवार मैदान में थे।

मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भारी प्रतिसाद

मुस्लिम बहुल इलाकों में सबसे अधिक निर्दलीय उम्मीदवार खड़े थे, जिसके चलते इन क्षेत्रों में मुस्लिम मतदाता बड़ी संख्या में मतदान के लिए बाहर निकले। मतदान समाप्ति तक इन सभी छह मतदान केंद्रों पर भीड़ लगातार बनी रही। यह भीड़ महायुती के पक्ष में जाएगी या संगमनेर सेवा समिति के यह परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा। सुबह साढ़े आठ बजे महायुती की नगराध्यक्ष पद की उम्मीदवार सुवर्णा संदीप खताळ ने अपने पुत्र हर्षवर्धन खताळ के साथ सिद्धार्थ विद्यालय में मतदान किया। जबकि प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार मैथिली सत्यजीत तांबे और उनके पति, पदवीधर मतदारसंघ के विधायक सत्यजीत सुधीर तांबे, ने सह्याद्री विद्यालय में मतदान किया। सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक 8.8%, साढ़े ग्यारह बजे तक 21.65%, दोपहर डेढ़ बजे तक 36% और साढ़े तीन बजे तक 52% मतदान हुआ था। सुबह के समय सभी केंद्रों पर मतदाता अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रहे थे।

रात 8 बजे तक लगी रेखाएं

सिद्धार्थ विद्यालय के मतदान केंद्र पर दोपहर 4 बजे के बाद भारी भीड़ उमड़ पड़ी और क्षेत्र का माहौल मेले जैसा हो गया। साढ़े पाँच बजे तक जो मतदाता परिसर में मौजूद थे, उनका मतदान कराने में रात 8 बजे तक का समय लगा। शाम 7 से सवा 7 बजे तक लगभग 200-250 मतदाता मतदान से वंचित रह जाने की स्थिति में थे, इसलिए प्रक्रिया रात 8 बजे तक चलती रही। शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस उपाधीक्षक कुणाल सोनवणे, पुलिस निरीक्षक प्रवीण साळुंखे, उपनिरीक्षक बाळासाहेब यादव सहित अन्य कर्मियों ने कड़ा बंदोबस्त संभाला।

दोपहर बाद मतदाताओं की बढ़ी भीड़

दोपहर के बाद पूरे शहर में लक्ष्मी दर्शन के उपरांत मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सभी केंद्र मतदाताओं से खचाखच भर गए। चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हो, इसके लिए चुनाव निर्णय अधिकारी अरुण मुंडे, तहसीलदार धीरज मांजरे, और मुख्याधिकारी दयानंद गोरे ने लगातार निगरानी रखी। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस की कड़ी व्यवस्था रही।

ज्येष्ठ मतदाताओं ने भी निभाया अपना कर्तव्य

नगर परिषद चुनाव में वरिष्ठ नागरिक भी पीछे नहीं रहे। मतदान करने वाले प्रमुख वरिष्ठ मतदाताओं में चिंतामण जनार्दन सोनवणे (87) काचनमाला कोळपक (79), जनता नगर परिषद स्कूल केंद्र वत्सलाबाई वामन उदावंत (75), शारदा विद्यालय, रामनाथ राणू अभंग (80),कुसुमाबाई मनियार (85), इंदिरा गांधी प्राथमिक विद्यालय,अहमद खान पठाण, नगरपरिषद उर्दू स्कूल नं. 4,बिदुनिसा ताजखान पठाण (81),जहरा नजीर शेख (65), नगर परिषद पानसरे आखाड़ा स्कूल, सदाशिव सखाराम साबळे (85) इन सभी वरिष्ठ मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

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