महिलाओं के स्वास्थ्य को देखते हुए मेटरनिटी लीव बढ़ाने की मांग, विधान परिषद में उठी आवाज

Maharashtra Assembly में शिवसेना विधायक डॉ. मनीषा कायंदे ने मातृत्व अवकाश को छह महीने से बढ़ाकर एक वर्ष करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इससे मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को बेहतर संरक्षण मिलेगा।
Maternity Leave
मेटरनिटी लीव (सौ.सोशल मीडिया)
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Maharashtra Maternity Leave One Year Demand: महिलाओं का जीवन आज बहुत भागदौड़ भरा हो गया है। कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम करने वाली कई महिलाएं लैपटॉप पर लगातार 12 घंटे तक काम करती हैं, जिसका उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।

शिवसेना (शिंदे गुट) की विधायक डॉ मनीषा कायंदे ने सोमवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रसूति के बाद महिलाओं को फिलहाल छह महीने की मातृत्व अवकाश (मेटरनिटी लीव) मिलती है, लेकिन कई माताओं को 6 महीने के छोटे बच्चे को पालनाघर (डे-केयर) में छोड़कर फिर से काम पर लौटना पड़ता है, जो मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।

आंध्र प्रदेश की तरह महाराष्ट्र में मिले सुविधा

  • इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सरकार से मांग की कि मातृत्व अवकाश की अवधि बढ़ाकर एक वर्ष की जाए, ताकि मां अपने बच्चे की सही देखभाल कर सके और बच्चे का स्वास्थ्य भी बेहतर रहे। डॉ। मनीषा कायंदे यह बात अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रखे गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदन में कहीं।
  • डॉ कायंदे ने यह भी बताया कि जर्मनी में नौकरी करने वाली महिलाओं को एक साल की मातृत्व अवकाश दी जाती है। आंध्र प्रदेश सरकार ने भी महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। वहां गर्भाशय की सर्जरी (हिस्टेरेक्टॉमी) कराने वाली महिलाओं को कुछ हफ्तों की सवेतन छुट्टी (पेड लीव) देने का निर्णय लिया गया है।
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