शीतला सप्तमी आज, संतान की तरक्की और परिवार की खुशहाली के लिए करें ये आसान उपाय

Maa Sheetla Puja: शीतला सप्तमी का दिन मां शीतला की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन कुछ सरल उपाय और पूजा करने से संतान की तरक्की, परिवार की खुशहाली और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
Sheetla Saptami Upay
मां शीतला की पूजा (सौ. Gemini)
Published on
Updated on

Sheetla Saptami Upay: आज यानी 10 मार्च को शीतला सप्तमी का पावन पर्व है। आरोग्य, स्वच्छता और शीतलता की देवी माता शीतला को समर्पित शीतला सप्तमी का पर्व बहुत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है।

मान्यता है कि, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और कुछ खास उपाय करने से घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है और संतान से जुड़ी परेशानियां भी दूर होती है।

शीतला सप्तमी के दिन कौन -सा उपाय करें?

  • गरीबों या जरूरतमंदों को भोजन कराए

शास्त्रों के अनुसार, संतान सुख और परिवार की खुशहाली के लिए शीतला सप्तमी के दिन गरीबों या जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े या अनाज का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि, इस उपाय को करने से संतान के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती है।

  • नीम पेड़ की पूजा करें

लोक मान्यता के अनुसार, नीम का पेड़ माता शीतला से जुड़ा माना जाता है। इस दिन नीम के पेड़ पर जल चढ़ाकर उसकी पूजा करने से परिवार को रोगों से रक्षा मिलती है।

  • माता शीतला को ठंडे भोजन का भोग लगाएं

मान्यता है कि इस दिन माता को ठंडा भोजन अर्पित करने से बच्चों को रोगों से सुरक्षा मिलती है और उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

  • हलवा और पूड़ी का भोग लगाएं

रोग मुक्ति के लिए माता को एक दिन पहले बना हुआ हलवा और पूड़ी का भोग लगाएं। क्योंकि इस दिन चूल्हा नहीं जलाने की मान्यता है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और बीमारियों का असर कम होता है।

  • शीतला को जल अर्पित करें

अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहे, तो शीतला अष्टमी के दिन माता शीतला को जल अर्पित करें और थोड़ा पानी बचाकर रखें। इस पानी को घर के हर कमरे में और दरवाजे के पास छिड़कें। माना जाता है कि ऐसा करने से बुरी शक्तियां दूर होती हैं और घर में बरकत बनी रहती है।

पूजा के दौरान किन बातों का खास ख्याल

  • माता शीतला की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
  • उन्हें हल्दी, कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें।
  • ठंडा भोजन जैसे बासी रोटी, दही, गुड़, चावल या मीठा प्रसाद चढ़ाएं।
  • धूप-दीप जलाकर माता की आरती करें।
  • परिवार और विशेष रूप से संतान के स्वास्थ्य की कामना करें।
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com