नूंह में गरीबी की भेंट चढ़ा परिवार: बीमार पति और तंगहाली से टूटी मां, 3 मासूम बेटियों संग कुएं में कूदी

Nuh Suicide Case: हरियाणा के नूंह में गरीबी और बीमारी से तंग आकर एक मां ने अपनी तीन मासूम बेटियों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा है। सभी के शव बरामद कर लिए गए हैं।
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फोटो सोर्स- AI
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Haryana Crime News: हरियाणा के नूंह जिले से चार आत्महत्याओं की खबर सामने आ रही है। नूंह के बड़ौंपुर गांव में जो कुछ भी हुआ, वह किसी भी आम नागरिक को सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिर एक इंसान किस कदर टूटकर ऐसा आत्मघाती कदम उठाता है।

8 मार्च की सुबह बड़ौंपुर गांव की रहने वाली साहिबा अपने खेतों में सरसों की कटाई करने के लिए घर से निकली थी। उसके साथ उसकी तीन छोटी बेटियां भी थीं। शाम ढलने के बाद भी साहिबा और उसके मासूम बच्चे घर वापस नहीं लौटे। परिवार के लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी और आसपास के खेतों में उनकी तलाश शुरू की गई। रात भर खोजबीन जारी रही, लेकिन अंधेरे में किसी का कोई सुराग नहीं मिला।

कुएं के किनारे मिली चप्पलों ने बयां की दास्तां

अगली सुबह करीब 9 बजे, जब परिवार के सदस्य अपनी गेहूं की फसल को पानी देने के लिए खेतों की ओर बढ़े, तो उनकी नजर पास के एक कुएं पर पड़ी। वहां पास में ही कुछ चप्पलें पड़ी हुई थीं, जो किसी अनहोनी का साफ संकेत दे रही थीं। जैसे ही घबराते हुए कुएं के अंदर झांका गया, तो वहां का दृश्य रोंगटे खड़े कर देने वाला था; पानी की सतह पर बच्चों के शव तैर रहे थे। देखते ही देखते वहां ग्रामीणों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। सूचना मिलते ही फिरोजपुर झिरका थाना प्रभारी सुभाष चंद्र अपनी टीम और दमकल विभाग के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत से जब शवों को बाहर निकाला गया, तो मंजर इतना भयावह था कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं।

आखिर क्यों टूट गई एक मां?

इस दर्दनाक घटना में जान गंवाने वालों में साहिबा के अलावा उसकी 7 साल की बेटी अक्ष, 5 साल की सानूपिया और मात्र 4 महीने की एक नन्ही दुधमुंही बच्ची शामिल थी। हरियाणा पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, इस परिवार पर काफी पहले से दुखों का पहाड़ टूटा हुआ था। साहिबा का पति शाहिद लंबे समय से मानसिक रूप से बीमार है।

माना जा रहा है कि गरीबी और पति की बीमारी की दोहरी मार ने साहिबा को इस कदर तोड़ दिया कि उसने अपनी कोख के साथ ही मौत को गले लगाना बेहतर समझा। फिलहाल पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मंडीखेड़ा के जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवा दिया है। हालांकि, अब तक इस मामले में परिवार की ओर से कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

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