
नेवासे में अग्नितांडव, घोडेगांव में भी 7 दुकानें जलकर खाक (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Ahilyanagar News: नेवासे शहर के नगर पंचायत चौक में जुलाई 2024 में हुए अग्निकांड की पुनरावृत्ति बुधवार (19 तारीख) रात करीब सवा नौ बजे फिर देखने को मिली। इस भीषण आग में सात दुकानें जलकर राख हो गईं। करीब ढाई घंटे तक चले अग्निकांड पर ज्ञानेश्वर चीनी कारखाने व नगर पंचायत के अग्निशमन दल, बिजली वितरण विभाग और शहर के युवाओं के अथक प्रयासों से काबू पाया गया, जिससे बड़ा अनर्थ टल गया। घोडेगांव में भी फर्नीचर की दुकान में भीषण आग लगने की अलग घटना सामने आई। दोनों घटनाओं में जनहानि नहीं हुई, लेकिन व्यावसायिक नुकसान लाखों-करोड़ों में होने का अनुमान है।
आग फैलते ही दुकानों और आसपास के परिसर में धुएं का बड़ा गुबार उठ गया। व्यापारी और नागरिक तुरंत मौके पर पहुंचे और आस-पास की दुकानें खाली कराकर बड़े नुकसान को टालने में मदद की। नेवासे नगरपंचायत की अग्निशमन गाड़ी देर से पहुंचने पर नागरिकों में नाराज़गी व्यक्त की गई। सवा दस बजे ज्ञानेश्वर कारखाने की फायर ब्रिगेड आने के बाद आग नियंत्रण में लाई गई, जिसमें सैकड़ों युवाओं ने मदद की। विधायक विठ्ठलराव लंघे और युवा नेता उदयन गडाख ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का आढावा घेतला।
इसी दौरान, वघोडे गांव में माता घोडेश्वरी फर्नीचर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स की तीन मंजिला दुकान में अचानक आग भड़क उठी। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे भवन को अपनी चपेट में ले लिया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। दुकान मालिक सचिन सुभाष चोरडिया और वहां उपस्थित ग्राहक आग को रोकने का प्रयास में लगे, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण नियंत्रण नहीं हो सका।
घोडेगांव में सबसे पहले शनिशिंगणापुर देवस्थान की फायर ब्रिगेड पहुंची। इसके तुरंत बाद युवा नेता उदयन गडाख के निर्देश पर भेडा व मुळा चीनी कारखाने की गाड़ियाँ भेजी गईं। नेवासे की आग नियंत्रित होने के बाद वहां की फायर गाड़ियाँ भी घोडेगांव रवाना हुईं। उसके बाद अहमदनगर महानगरपालिका की आधुनिक गाड़ी, मुळा, भेडा, शनिशिंगणापुर, पाथर्डी, श्रीरामपुर और राहुरी नगरपालिका की गाड़ियाँ पहुंचीं। पहली और दूसरी मंजिल की आग नियंत्रण में लाई गई, लेकिन तीसरी मंजिल की आग पर काबू पाना कठिन साबित हुआ।
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक लंघे, युवा नेता गडाख और तहसीलदार संजय बिराजदार घटनास्थल पहुंचे। पंचनामा और आगे की प्रक्रिया के निर्देश दिए गए। सोनई पुलिस स्टेशन के विजय माली व शिंगणापुर के पुलिस निरीक्षक आशीष शेळके ने ट्रैफिक नियंत्रण में सहयोग किया। राजस्व अधिकारियों ने नुकसान का प्राथमिक पंचनामा तैयार किया। आग का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
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