पहलगाम आतंकी हमले का पाक के बाद चीन से कनेक्शन, NIA ने बीजिंग से मांगी सीक्रेट जानकारी

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकियों ने 26 हिन्दू पर्यटकों को उनका धर्म पूछकर मार डाला था। इस आतंकी हमले में हुए नए खुलासे के बाद NIA की जांच अब चीन तक पहुंच गई है।
Pahalgam terror attack has China connection after Pakistan, NIA seeks secret information from Beijing
पहलगाम आतंकी हमला (Image- Social Media)
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Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। एनआईए के मुताबिक, हमले से पहले की रेकी और तैयारी के लिए इस्तेमाल किया गया GoPro Hero 12 Black कैमरा चीन के एक डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़ा हुआ है। अब एजेंसी ने इस मामले में चीन से सहायता मांगी है।

कैमरे की आपूर्ति और एक्टिवेशन से जुड़ी जानकारी

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एनआईए ने जम्मू की एक अदालत में आवेदन दायर कर "लेटर रोगेटरी" (LR) जारी करने की अनुमति मांगी थी। यह औपचारिक न्यायिक अनुरोध होता है, जिसके माध्यम से किसी दूसरे देश से जांच में मदद और जानकारी मांगी जाती है। अदालत ने सोमवार को एनआईए को चीन को लेटर रोगेटरी जारी करने की अनुमति दे दी। एनआईए की जांच में पाया गया कि यह कैमरा GoPro Hero 12 Black हमले से पहले की रेकी, आतंकियों के मूवमेंट और ऑपरेशन की तैयारी में इस्तेमाल किया गया था। जांच के दौरान यह कैमरा चीन स्थित एई ग्रुप इंटरनेशनल लिमिटेड नामक डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़ा पाया गया।

कैमरे की एक्टिवेशन जानकारी

नीदरलैंड स्थित गोप्रो निर्माता कंपनी से जानकारी मिलने पर यह स्पष्ट हुआ कि यह कैमरा 30 जनवरी 2024 को चीन के डोंगगुआन शहर में एक्टिवेट किया गया था। हालांकि, निर्माता कंपनी ने यह जानकारी दी कि उनके पास कैमरे के खरीदार या अंतिम उपभोक्ता (एंड-यूज़र) के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस वजह से एनआईए का मानना है कि कैमरे के इस्तेमाल से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड और खरीद की जानकारी केवल चीनी अधिकारियों से ही प्राप्त की जा सकती है।

आतंकी हमले के संदर्भ में

यह कैमरा बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले से पहले की रेकी और मूवमेंट की रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल हुआ था। 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले में 25 पर्यटकों और एक घोड़ा संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया और भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी।

ऑपरेशन सिंदूर और मुठभेड़

हमले के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई की। 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्षविराम की घोषणा की गई, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई को दाचीगाम जंगल क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान हमले में शामिल तीन आतंकियों  सुलेमान शाह, हमजा अफगानी और जिब्रान को मार गिराया।

चीन से मांगी गई जानकारी का महत्व

एनआईए की जांच अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुकी है। चीन से मांगी गई जानकारी का उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह कैमरा किसने खरीदा, किसने इसका इस्तेमाल किया और आतंकियों तक यह कैसे पहुंचा। एजेंसियों का मानना है कि इस डिवाइस से साजिश के नेटवर्क और फंडिंग से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं, जो जांच को नई दिशा दे सकते हैं।

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