
बेमौसम बारिश से 1.10 लाख किसान प्रभावित (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gondia Farmers Affected: पिछले महीने 25 से 31 अक्टूबर के बीच हुई बेमौसम बारिश से जिले में धान की फसलें बड़े पैमाने पर बर्बाद हो गईं। राजस्व और कृषि विभाग द्वारा किए गए आकलन में सामने आया है कि 900 गांवों में 39 हजार हेक्टेयर फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं और 1 लाख 10 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। यह एक प्रारंभिक रिपोर्ट है, जिसके आधार पर अंतिम रिपोर्ट तैयार कर मुआवजे के लिए सरकार को भेजा जाएगा।
इस वर्ष खरीफ सीजन में जिले में 1 लाख 96 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की गई थी। 25 से 31 अक्टूबर के दौरान, जब धान की कटाई का समय चल रहा था, तब लगातार पांच से छह दिनों तक हुई बारिश ने फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचाया। कई किसानों ने हल्के धान की कटाई शुरू कर दी थी, लेकिन अचानक हुई बारिश से कटाई की गई फसल भी नष्ट हो गई। कुछ धान के दाने अंकुरित हो गए, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
लगातार नुकसान के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। बढ़ते आक्रोश के बाद सरकार ने फसल नुकसान का पंचनामा करने के आदेश जारी किए। कृषि तथा राजस्व विभाग द्वारा किए गए आकलन में स्पष्ट हुआ कि जिले के 900 गांवों में कुल 39 हजार हेक्टेयर में लगी फसलें प्रभावित हुई हैं। इस रिपोर्ट के आधार पर अंतिम प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा ताकि किसानों को मुआवजा मिल सके।
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बेमौसम बारिश का सर्वाधिक असर गोंदिया तहसील में देखा गया, जहां 17,125 हेक्टेयर में धान की फसलें बर्बाद हुईं और 56,718 किसान प्रभावित हुए। इसके बाद तिरोड़ा और आमगांव तहसीलों का स्थान आता है।






