MP के 11 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों को तोहफा, इसी माह कैबिनेट से पास होगी ₹20 लाख की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना

Cashless Medical Scheme MP: मध्य प्रदेश के 11 लाख कर्मचारियों-पेंशनरों को जल्द मिलेगा कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ। कर्मचारियों को ₹20 लाख व पेंशनरों को ₹5 लाख तक का मिलेगा सुरक्षा कवच।
Madhya Pradesh Government Employee Health Insurance 2026
सीएम मोहन यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Government Employee Health Insurance 2026: मध्य प्रदेश के 11 लाख से अधिक शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से प्रतीक्षित कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना को जल्द ही राज्य सरकार की मंजूरी मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार योजना का मसौदा तैयार कर लिया गया है और इसे इसी माह होने वाली कैबिनेट बैठक में अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किए जाने की तैयारी है।

राज्य में आयुष्मान भारत योजना का संचालन कर रही स्टेट हेल्थ एजेंसी ने इस महत्वाकांक्षी योजना का ड्राफ्ट तैयार किया है। प्रस्ताव के अनुसार शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष 20 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, पेंशनरों को पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज मिलेगा।

कर्मचारियों और पेंशनरों से भी लिया जाएगा अंशदान

योजना के संचालन के लिए सरकार के योगदान के साथ कर्मचारियों और पेंशनरों को भी प्रीमियम में हिस्सा देना होगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कर्मचारियों से उनके मूल वेतन का एक प्रतिशत तथा पेंशनरों से उनकी पेंशन का चार प्रतिशत प्रतिमाह अंशदान लिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता वाली वरिष्ठ सचिव समिति इस प्रस्ताव को पहले ही स्वीकृति दे चुकी है। अब अंतिम निर्णय मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया जाएगा।

छह वर्ष से अटकी थी योजना

कर्मचारी स्वास्थ्य बीमा योजना का विचार पहली बार वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमल नाथ के कार्यकाल में सामने आया था। उस समय इसे 1 अप्रैल 2020 से लागू करने की घोषणा की गई थी, लेकिन सरकार बदलने के कारण योजना अमल में नहीं आ सकी। इसके बाद भाजपा सरकार ने विभिन्न राज्यों में संचालित स्वास्थ्य बीमा मॉडलों का अध्ययन किया और कई दौर के विचार-विमर्श के बाद अब योजना का अंतिम मसौदा तैयार किया गया है।

आयुष्मान मॉडल पर होगा संचालन

योजना का संचालन आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर किया जाएगा। प्रत्येक लाभार्थी कर्मचारी और पेंशनर को फोटोयुक्त यूनिक डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। योजना के प्रबंधन और निगरानी की जिम्मेदारी राज्य स्वास्थ्य एजेंसी को सौंपी जाएगी, जिसमें स्वास्थ्य, बीमा और विधिक क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल रहेंगे। इसके अलावा योजना की नियमित समीक्षा और नीतिगत निर्णयों के लिए एक टास्क फोर्स का भी गठन किया जाएगा।

जानें किन्हें मिलेगा लाभ

प्रस्ताव के अनुसार कर्मचारी के पति या पत्नी, माता-पिता, आश्रित दो बच्चे, दत्तक संतान और तलाकशुदा पुत्री योजना के अंतर्गत पात्र होंगे। वहीं पेंशनर पति-पत्नी भी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। ओपीडी और दवाओं के लिए अलग सुविधा, बीमित कर्मचारियों को ओपीडी उपचार, दवाइयों और चिकित्सा उपकरणों के लिए प्रतिवर्ष 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देने का भी प्रावधान रखा गया है।

गैर संबद्ध अस्पताल में भी मिलेगा उपचार

योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा अनुबंधित अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। हालांकि आपातकालीन परिस्थितियों में यदि किसी गैर संबद्ध अस्पताल में इलाज कराना पड़ता है तो कर्मचारी को खर्च की प्रतिपूर्ति बाद में की जाएगी। यदि योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिल जाती है तो यह प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम साबित होगी।

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