

Maharashtra Politics: नीट पेपर लीक मामले में भारी विरोध के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा है। इस घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अचानक दिल्ली दौरे से महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज हो गई थी। अटकलें लगाई जा रही थीं कि फडणवीस को केंद्र में नया शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है। लेकिन अब खुद सीएम फडणवीस ने इन चर्चाओं पर दो टूक जवाब देते हुए विराम लगा दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि वह मुंबई व महाराष्ट्र में ही रहेंगे तथा दिल्ली नहीं जाएंगे।
मुख्यमंत्री फडणवीस के अचानक दिल्ली रवाना होने और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात को लेकर जबरदस्त गोपनीयता बरती गई थी। इससे राजनीतिक हलकों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राऊत ने दावा किया कि फडणवीस को नया शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है।
एक दिन पहले ही पंढरपुर में मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि वे लोग महाराष्ट्र में ही रहेंगे। अमृता फडणवीस ने दृढ़ता से कहा था, "हम नागपुर, पंढरपुर या मुंबई में रहें, हमेशा विट्ठल की पूजा करेंगे। हमें महाराष्ट्र में ही रहना है और मैं देवेंद्र को भी महाराष्ट्र में ही रखूंगी।"
अब खुद सीएम देवेंद्र ने तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए नागपुर में कहा कि वे शाम को मुंबई लौटेंगे और महाराष्ट्र में ही रहेंगे। पिछले एक महीने से उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा चल रही थी, खासकर उद्धव ठाकरे गुट के छह सांसदों के पाला बदलने के बाद यह अटकलें और तेज हो गई थीं। संसद का मानसून सत्र चल रहा है, जिस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना जताई जा रही है।