इंदौर के बाद भोपाल की बारी! चार इलाकों के पानी में मिला खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया, सील किया गया स्लॉटर हाउस

Madhya Pradesh News: इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर कोहराम अभी थमा भी नहीं था कि भोपाल नगर निगम की जांच में शहर की चार अलग-अलग जगहों से लिए गए पानी के सैंपल में ई कोलाई बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई
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भोपाल में मिला दूषित पानी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bhopal News: इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर कोहराम अभी थमा भी नहीं था कि दूषित पानी की वजह से भोपाल और आस-पास के इलाकों में दहशत फैल गई है। भोपाल नगर निगम की जांच में शहर की चार अलग-अलग जगहों से लिए गए पानी के सैंपल में ई. कोलाई बैक्टीरिया होने की पुष्टि हुई है। BMC ने कुल 1,810 सैंपल इकट्ठा किए थे। जिसमें ट्यूबवेल और ग्राउंडवाटर सोर्स से लिए गए ये चार सैंपल टेस्ट में फेल हो गए।

भोपाल की मेयर मालती राय ने साफ किया कि दूषित पानी कॉर्पोरेशन की मुख्य सप्लाई पाइपलाइन का नहीं है, बल्कि कच्चा पानी है। एक बड़ी कार्रवाई में प्रशासन ने एक बूचड़खाने को सील कर दिया है, क्योंकि उसके पानी के सैंपल में गड़बड़ी पाई गई थी।

क्या कुछ बोलीं भोपाल की मेयर?

राय ने कहा, "नगर निगम को कई शिकायतें मिल रही हैं। भोपाल नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत संबंधित जगहों पर जाकर जांच कर रहे हैं। शिकायत मिलने पर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचती है और समस्या का समाधान करती है। लीकेज या लोगों की शिकायतों के मामलों में नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी जांच कर रहे हैं। वे लोगों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रहे हैं और सैंपल संबंधित अधिकारियों को भेज रहे हैं।"

सील किया गया स्लाटर हाउस

मेयर ने यह भी बताया कि शहर के एक बूचड़खाने को उसके सैंपल में गड़बड़ी पाए जाने के बाद सील कर दिया गया है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, "मिली जानकारी के अनुसार, बूचड़खाने के सैंपल दूषित पाए गए थे। सैंपल खराब पाए जाने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। संबंधित अधिकारी प्राइवेट वेंडर या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।"

दूषित पानी पर बढ़ा सियासी टकराव

दूसरी ओर इस मुद्दे ने राजनीतिक टकराव को भी बढ़ा दिया है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि सीवेज प्रोजेक्ट में लापरवाही के कारण दूषित पानी पीने के पानी के सोर्स में मिल रहा है, जिससे लोगों की सेहत खतरे में पड़ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जबलपुर के ग्वारीघाट में नर्मदा नदी में सीवेज का पानी मिलने पर गहरी चिंता जताई, जहां से पीने के पानी की सप्लाई होती है।

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई हालिया मौतों के बाद प्रशासन पर अब पूरे राज्य में पानी के संकट और साफ-सफाई को लेकर भारी दबाव है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर, विपक्षी पार्टियों ने मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।

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