Fake Trust Scam: दान के नाम पर करोड़ों की धोखाधड़ी, गुलजार-ए-रझा ट्रस्ट के 4 ट्रस्टी नामजद

Maharashtra News: बीड़ में धार्मिक कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गुलजार-ए-रझा नामक फर्जी ट्रस्ट का पर्दाफाश हुआ है। एटीएस ने चार ट्रस्टियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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धोखाधड़ी मामला (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Beed News In Hindi: बीड़ जिले से एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां धार्मिक कार्यों के नाम पर लोगों से दान इकट्ठा कर करोड़ों रुपये हड़पने वाले एक फर्जी ट्रस्ट का पर्दाफाश किया गया है।

एटीएस की कार्रवाई में गुलजार-ए-रझा नामक ट्रस्ट द्वारा कुल 4 करोड़ 73 लाख 67 हजार रुपये की ठगी किए जाने का खुलासा हुआ है। एटीएस की छत्रपति संभाजीनगर इकाई बीड़ जिले में विभिन्न एनजीओ और ट्रस्टों की नियमित जांच कर रही थी।

इसी दौरान गुलजार-ए-रझा ट्रस्ट की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। जांच में सामने आया कि ट्रस्ट अपनी वेबसाइट और अन्य माध्यमों से धार्मिक उद्देश्यों के नाम पर दान एकत्र कर रहा था।

चार ट्रस्टियों के खिलाफ मामला दर्ज

इस प्रकरण में एटीएस ने बीड़ के माजलगांव ग्रामीण पुलिस स्टेशन में चार ट्रस्टियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। नामजद आरोपियों में इग्रान कलीम शेख, मुज्जमील नूर सय्यद, अहमदउद्दीन कैसर काझी और तौफिक जावेद काझी शामिल हैं।

फर्जी दस्तावेजों से खोले गए बैंक खाते

जांच में यह भी सामने आया कि ट्रस्ट ने एक्सिस बैंक की लातूर शाखा में कुल पांच बैंक खाते खोले थे। इसके लिए आरोपियों ने वक्फ बोर्ड से जुड़ी अहिल्यानगर स्थित फैजान-ए-कन्जुल इमान नामक एक अन्य संस्था का रजिस्ट्रेशन नंबर अपना बताकर बैंक को गुमराह किया।

नीति आयोग पोर्टल पर भी किया फर्जीवाड़ा

एटीएस के अनुसार, नीति आयोग के दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण के दौरान भी इसी फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल किया गया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि गुलजार-ए-रझा ट्रस्ट का कोई वैध पंजीकरण नहीं था।

आगे की जांच जारी

एजेंसियों को आशंका है कि इस ट्रस्ट के जरिए और भी लोगों से दान के नाम पर रकम वसूली गई हो सकती है। पुलिस और एटीएस मामले की गहन जांच कर रही हैं और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

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