जिसके काम की कसमें खाते थे मेयर, इंदौर के उसी इलाके में पानी बना जहर; पुराना बयान वायरल

Indore के मेयर का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कहते हैं, "यहां के पार्षद, जिनका नाम कमल वाघेला है, वह कमल (कमल का फूल) भी हैं और बाघ भी। जब उन्हें नरम होना होता है, तो वह गरम होना होता तो गरम।
Indore contaminated water tragedy: The mayor had been praising the very councilor responsible
इंदौर में जिस पार्षद के इलाके में पानी पीकर लोग मरे, मेयर ने की थी तारीफ (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Indore contaminated water news: इंदौर में दूषित पानी पीने से 15 से ज्यादा लोगों की मौत के बाद एक पुराना वीडियो सामने आना शहर की राजनीति और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जिस इलाके में यह हादसा हुआ, उसी वार्ड के पार्षद की कुछ महीने पहले महापौर ने खुले मंच से जमकर तारीफ की थी। अब यह वीडियो लोगों के गुस्से और बहस का केंद्र बन गया है सोशल मीडिया पर

मंगलवार को सामने आए इस वीडियो में इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव भागीरथपुरा क्षेत्र के पार्षद कमल वाघेला को आदर्श प्रतिनिधि बताते नजर आते हैं। वे अन्य पार्षदों को उनसे सीख लेने की सलाह देते हैं। वीडियो में महापौर वार्ड में कराए गए विकास कार्यों, सड़कों, ड्रेनेज और पानी की पाइपलाइन के काम का विस्तार से जिक्र करते हैं और बजट बढ़ाने की घोषणा भी करते दिखते हैं वहां पर

मेयर की तारीफ और विकास के दावे

यह वीडियो उस समय का बताया जा रहा है जब भागीरथपुरा में विकास कार्यों के भूमिपूजन का कार्यक्रम था, हालांकि तारीख स्पष्ट नहीं है। वीडियो में महापौर कहते हैं कि कमल वाघेला ने तीन साल में अपने वार्ड में ड्रेनेज और पानी की लाइन डालने के बाद 24 सड़कें बनवाईं। उनके अनुसार, एक सड़क पर औसतन 10 लाख रुपये खर्च हुए, जिससे सड़कों पर ही करीब ढाई करोड़ रुपये लगे। इसके अलावा पानी और ड्रेनेज लाइन पर भी उतना ही खर्च हुआ। महापौर ने दावा किया कि एक पार्षद ने तीन साल में करीब 10 करोड़ रुपये के काम कराए और इसी आधार पर उन्होंने खुले मंच से प्रमाण पत्र देने की बात कही। साथ ही अन्य पार्षदों को भागीरथपुरा आकर काम देखने की सलाह दी और बजट बढ़ाया गया

हादसे के बाद उठे सवाल

दूसरी ओर, इसी वार्ड क्रमांक 11 में पीने के पानी की पाइपलाइन में सीवेज मिलने से 15 से अधिक लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद पार्षद कमल वाघेला ने कहा कि क्षेत्र की नर्मदा जल लाइन करीब 30 साल पुरानी और पूरी तरह सड़ चुकी थी, जबकि ड्रेनेज लाइन ऊपर और पानी की लाइन नीचे डली थी।

उन्होंने बताया कि पार्षद बनने के बाद उन्होंने कई बार शिकायत की और इंफ्रास्ट्रक्चर बदलने की मांग रखी। उनके मुताबिक अब तक लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्र में नई लाइनें डाली जा चुकी हैं। इसी पृष्ठभूमि में महापौर का यह तारीफ भरा वीडियो सामने आने से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं। लोग सोशल मीडिया पर पुराने बयानों और मौजूदा हालात की तुलना कर रहे हैं तेजी से

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com