
डैंड्रफ (सौ. फ्रीपिक)
Winter Hair Care: सर्दियों में ठंडी हवाएं न सिर्फ त्वचा बल्कि स्कैल्प को भी रूखा बना देती हैं जिससे डैंड्रफ की समस्या बढ़ जाती है। अगर आप भी कंधों पर गिरने वाली सफेद पपड़ी से शर्मिंदा हैं तो आयुर्वेद में इसका रामबाण इलाज है। भृंगराज और नीम जैसे तत्व डैंड्रफ का जड़ से सफाया करने में सक्षम हैं।
सर्दियों का मौसम आते ही स्कैल्प की नमी कम होने लगती है जिससे डैंड्रफ (रूसी) की समस्या आम हो जाती है। बाजार में मिलने वाले एंटी-डैंड्रफ शैम्पू कई बार बालों को और भी रूखा बना देते हैं। ऐसे में आयुर्वेद की शरण में जाना सबसे सुरक्षित और असरदार विकल्प है। जानकारी के अनुसार नीम, आंवला और भृंगराज का सही इस्तेमाल आपके बालों को जड़ से साफ और स्वस्थ बना सकता है। इन घरेलू तरीकों को आप अपना सकते हैं।
भृंगराज को आयुर्वेद में केशराज यानी बालों का राजा कहा गया है। इसमें मौजूद एंटी-फंगल गुण स्कैल्प के संक्रमण को खत्म करते हैं। वहीं आंवला विटामिन-सी से भरपूर होता है जो स्कैल्प की त्वचा को पोषण देता है। इन दोनों के पाउडर का पेस्ट बनाकर सप्ताह में दो बार लगाने से डैंड्रफ जड़ से खत्म होने लगता है।
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नीम एक प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक है। अगर डैंड्रफ की वजह से सिर में खुजली या छोटे दाने हो गए हैं तो नीम की पत्तियों का पानी किसी वरदान से कम नहीं है। नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से सिर धोएं या नीम के तेल में नींबू का रस मिलाकर मालिश करें। नींबू का सिट्रिक एसिड पुरानी से पुरानी सफेद पपड़ी को ढीला कर साफ कर देता है।
सर्दियों में दही स्कैल्प को नमी प्रदान करता है और मेथी के दाने निकोटिनिक एसिड से भरपूर होते हैं जो डैंड्रफ को रोकने में सहायक हैं। रात भर भीगे हुए मेथी दानों को पीसकर दही में मिलाएं और इसे मास्क की तरह बालों में लगाएं। 30 मिनट बाद साधारण पानी से धो लें।






