सावधान! पीरियड्स में योग करने से पहले जान लें ये सच, वरना फायदे की जगह हो सकता है नुकसान

Safe Yoga Poses During Periods: पीरियड्स के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं ऐसे में हर तरह का योगासन करना सही नहीं माना जाता। सही जानकारी के साथ ही पीरियड्स में योग करें।
Yoga During Periods
पीरियड्स दर्द से परेशान महिला (सौ. फ्रीपिक)
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Yoga During Periods Safety Tips: मासिक धर्म के दौरान योग करना चाहिए या नहीं इसे लेकर समाज में कई भ्रांतियां हैं। हालांकि नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के हालिया सुझाव इन मिथकों को तोड़ते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हल्का योग पीरियड्स की ऐंठन (Cramps), थकान और चिड़चिड़ेपन को दूर करने का सबसे प्राकृतिक तरीका है।

लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि पीरियड्स में महिलाओं को पूरी तरह आराम करना चाहिए और किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि से बचना चाहिए। लेकिन आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान कहता है कि भारी वर्कआउट के बजाय यदि लो-इम्पैक्ट योग किया जाए तो यह शरीर के लिए दवा की तरह काम करता है। यह शरीर में रक्त संचार बढ़ाता है और मांसपेशियों के तनाव को कम करता है।

दर्द और ऐंठन से मिलेगी राहत

पीरियड्स के दौरान गर्भाशय की मांसपेशियों में संकुचन होता है जिसे हम क्रैम्प्स कहते हैं। योग के जरिए पेट और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को रिलैक्स किया जा सकता है। इससे न केवल शारीरिक दर्द कम होता है बल्कि हार्मोनल बदलाव के कारण होने वाले मूड स्विंग्स और तनाव में भी भारी कमी आती है।

योग करती महिला (सौ. फ्रीपिक)
योग करती महिला (सौ. फ्रीपिक)

विशेषज्ञों के अनुसार इन दिनों में शरीर पर अधिक दबाव डाले बिना निम्नलिखित आसन किए जा सकते हैं।

बालासन: यह पीठ के निचले हिस्से के दर्द को कम करने में रामबाण है।

सुप्त बद्ध कोणासन: यह पेल्विक हिस्से की जकड़न को दूर करता है।

मार्जरिआसन: रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाकर कमर दर्द में राहत देता है।

विपरीत करणी: पैरों की सूजन और थकान दूर करने में सहायक है।

शवासन: मानसिक शांति और गहरी सांस लेने के लिए सबसे बेहतर।

सावधानी भी है जरूरी

योग विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पीरियड्स के दौरान इनवर्जन यानी सिर के बल किए जाने वाले आसनों (जैसे शीर्षासन या सर्वांगासन) से बचना चाहिए। इसके अलावा यदि ब्लीडिंग बहुत अधिक हो या दर्द असहनीय हो तो योग करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। योग हमेशा खाली पेट या भोजन के 2-3 घंटे बाद ही करें और अपनी क्षमता से बाहर जाकर खिंचाव न करें।

नियमित हल्का योग न केवल पाचन तंत्र को ठीक रखता है बल्कि यह शरीर को वह ऊर्जा देता है जिसकी इन कठिन 5 दिनों में सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

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