
सफेद बालों की समस्या (सौ.सोशल मीडिया)
Causes Of Grey Hair: हर किसी के जीवन में ऐसा पड़ाव आता है जहां पर उम्र 10 साल आगे बढ़ जाती है। यहां पर शरीर में कई तरह के बदलाव होते है तो वहीं पर बालों का रंग भी बदलने लगता है। आजकल तो कम उम्र के युवाओं में भी सफेद बालों की समस्या आ रही है। भलें ही बुढ़ापा आया ना हो लेकिन कम उम्र में ही बालों के रंग में फर्क नजर आते है। बालों का सफेद होना एक नेचुरल प्रक्रिया है।
जैसे-जैसे शरीर के बाकी अंग उम्र के असर में आते हैं, वैसे ही बाल भी एजिंग से गुजरते हैं। यहां पर हम जान सकते है कि, यह प्रक्रिया तो नेचुरल है लेकिन क्या हम इस प्रक्रिया को रोक सकते है।
यहां पर सफेद बालों और इससे जुड़ी समस्याओं के लिए हेयर एक्सपर्ट सही सलाह देते है। डर्मेटोलॉजिस्ट्स बताते हैं कि ज्यादातर लोगों में 30 या 40 की उम्र के बाद सफेद बाल दिखने लगते हैं। इसके पीछे दरअसल वैसे तो कई कारण होते है लेकिन मेलानोसाइट स्टेम सेल्स का कमजोर पड़ना इसकी पहली समस्या है। ये वही सेल्स होती हैं, जो बालों में मेलानिन पिगमेंट पहुंचाकर उन्हें काला, भूरा या सुनहरा रंग देती हैं. जब ये कोशिकाएं ठीक से काम करना बंद कर देती हैं, तो बाल सफेद या ग्रे होने लगते है। इस प्रक्रिया को आसान शब्दों में सेल्युलर सेंसेंस कहा जाता है. इसमें बाल धीरे-धीरे पिगमेंट बनाना कम कर देते हैं. यही वजह है कि पहले जो बाल काले या भूरे होते थे, वे समय के साथ ग्रे या सफेद नजर आने लगते हैं. कई लोगों को यह भी महसूस होता है कि सफेद बालों की बनावट पहले से ज्यादा रूखी या मोटी हो जाती है।
यहां पर बालों के सफेद होने के बीच जेनेटिक्स का भी अलग रोल होता है। अक्सर लोग अपने माता-पिता की तरह ही ग्रे होते हैं. यानी अगर घर में जल्दी सफेद बाल होने का ट्रेंड रहा है, तो अगली पीढ़ी में भी इसकी संभावना ज्यादा होती है. कुछ रिसर्च में यह भी पाया गया है कि अलग-अलग नस्लों में बाल सफेद होने की उम्र अलग हो सकती है।
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यहां पर बालों के सफेद होने की प्रक्रिया को तो आप समझ गए लेकिन क्या बालों का सफेद होना सही में तय होता है या कोई समाधान इस प्रक्रिया को रोक सकता है। कुछ स्टडीज में विटामिन B12, आयरन जैसी पोषक तत्वों की कमी को समय से पहले सफेद बालों से जोड़ा गया है. इसके अलावा, लंबे समय तक रहने वाला तनाव भी इस प्रक्रिया को तेज कर सकता है।ज्यादा तनाव बालों के पिगमेंट बनाने वाली सेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है।डॉक्टरों का कहना है कि बालों के सफेद होने को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन संतुलित डाइट, स्ट्रेस कंट्रोल और हेल्दी लाइफस्टाइल से इस प्रक्रिया को कुछ हद तक धीमा जरूर कर सकते है।






