अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: देश के 9.4 लाख लोगों पर बड़ा सर्वे, योग कोई शौक नहीं बल्कि आज की बड़ी जरूरत

Yoga Survey: मार्च 2026 के सर्वे में करीब 9.4 लाख भारतीयों के खराब स्वास्थ्य और बढ़ते तनाव का सच सामने आया है। जानिए क्यों इस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग को अपनी आदत बनाना सबसे ज्यादा जरूरी है।
Traya health research importance of yog international yoga day 2026
योग दिवस (फोटो.सोशल मीडिया)
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Importance Of Yoga: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस रविवार, 21 जून 2026 को दुनिया भर में मनाया जाने वाला है। अबकी बार 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस साल की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" (Yoga for Healthy Ageing) तय की गई है। यह थीम हमें बताती है कि बढ़ती उम्र में भी खुद को एक्टिव, आत्मनिर्भर और फिट कैसे रखा जाए। इसी खास मौके पर भारत के मशहूर पर्सनलाइज्ड हेयर हेल्थ प्लेटफॉर्म Traya ने देश के लोगों की लाइफस्टाइल और उनकी सेहत को लेकर अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है।

यह पूरी रिपोर्ट मार्च 2026 में कराए गए एक डायग्नोस्टिक हेयर टेस्ट के आंकड़ों पर आधारित है। इस जांच में देश भर के 9,42,451 भारतीयों ने हिस्सा लिया था, जिनमें 5,62,088 पुरुष और 3,80,363 महिलाएं शामिल थीं। इस एनालिसिस में लोगों के बालों की सेहत के साथ-साथ उनके सोने के तौर-तरीकों, मानसिक तनाव और पेट की सेहत जैसी तीन बुनियादी आदतों की पड़ताल की गई है। लगभग 9.5 लाख भारतीयों का यह विशाल डेटा गवाही देता है कि आज के समय में अच्छी सेहत पाना कोई शौक या विलासिता नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।

तनाव और खराब नींद का पक्का इलाज है योग

इस सर्वे में देश की शहरी आबादी के बीच दो सबसे बड़ी समस्याएं निकलकर सामने आई हैं- पहली है रात में ठीक से नींद न आना और दूसरी है मानसिक तनाव। राहत की बात यह है कि ये दोनों ही ऐसी समस्याएं हैं जिन्हें नियमित रूप से योग करके पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। विज्ञान और कई तरह की रिसर्च भी इस बात को साबित कर चुकी हैं कि रोज योग करने से बिस्तर पर लेटते ही जल्दी नींद आती है, नींद का समय बढ़ता है और रात में बार-बार आंख खुलने की समस्या खत्म होती है।

नींद की समस्या(फोटो.सोशल मीडिया)
नींद की समस्या(फोटो.सोशल मीडिया)

इसी तरह, मानसिक तनाव को कम करने में भी योग और प्राणायाम का कोई मुकाबला नहीं है। डॉक्टरों का कहना है कि योग करने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाले 'कोर्टिसोल' हार्मोन का स्तर कम होता है। इससे रोजमर्रा की चिंताएं और घबराहट दूर होती है और इंसान मानसिक रूप से मजबूत और खुश रहने लगता है।

शहरी माहौल और काम का दबाव उड़ा रहा है चैन

इस रिपोर्ट में एक बहुत ही खास भौगोलिक पैटर्न देखने को मिला है। दक्षिण भारत के राज्य पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए नींद की कमी और तनाव के मामले में सबसे ऊपर हैं। वहीं, शहरों की बात करें तो चेन्नई और हैदराबाद जैसे महानगर इस लिस्ट में लगातार टॉप पर बने हुए हैं।

त्रया की रिपोर्ट में पेश किए गए आंकड़े साफ इशारा करते हैं कि शहरों की भागदौड़, वहां का माहौल, काम करने का दबाव और बदलती वर्क कल्चर जैसे लाइफस्टाइल फैक्टर स्त्री और पुरुष के भेद से परे हर किसी को प्रभावित कर रहे हैं। हालांकि, नींद के मामले में महिलाओं पर काम का बोझ पुरुषों के मुकाबले करीब 6% ज्यादा देखा गया है, जो यह दिखाता है कि कामकाजी महिलाओं को नींद की समस्या थोड़ी अधिक झेलनी पड़ रही है।

वर्क प्रेशर (फोटो.सोशल मीडिया)
वर्क प्रेशर (फोटो.सोशल मीडिया)

योग को साल में एक बार नहीं, रोज की आदत बनाएं

Traya द्वारा किया गया यह विश्लेषण किसी भी कंज्यूमर हेल्थ ब्रांड द्वारा देश में तैयार की गई अब तक की सबसे बड़ी लाइफस्टाइल रिपोर्ट है। इसके आंकड़े बताते हैं कि देश में लगभग 10 में से 3 पुरुष और हर 3 में से 1 महिला रात को सुकून से सो नहीं पा रही है। चेन्नई जैसे शहर में तो यह समस्या सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है।

इस साल के योग दिवस पर यह आंकड़े हमें यह सोचने पर मजबूर करते हैं कि योग केवल साल में एक बार 21 जून को मनाया जाने वाला कोई सांस्कृतिक उत्सव या औपचारिकता नहीं है। यह हमारे जीवन का एक ऐसा हिस्सा होना चाहिए जिसे हम रोज अपनाएं। आज भारत की शहरी आबादी जिस तरह के मानसिक तनाव और बीमारियों से घिर रही है, उसे देखते हुए रोज सुबह योग करना अब हमारी सेहत के लिए पहले से कहीं ज्यादा जरूरी और अनिवार्य हो गया है।

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