
सर्दियों के टिप्स (सौ.सोशल मीडिया)
Winter Sleeping Time: सर्दियों में अक्सर तापमान ठंडा होने के कारण बहुत नींद आती है। रात में नींद लेने के बाद भी दिन में थोड़ा समय मिल जाए तो नींद ले लेते है। रात की नींद यानि 8 घंटे की नींद ही पर्याप्त होती है। लेकिन इसके बाद भी नींद में भी आप सोते है तो आयुर्वेद में सही नहीं माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार हेमंत ऋतु (मध्य नवम्बर से मध्य जनवरी) में पाचन अग्नि सबसे प्रबल होती है। इस दौरान पौष्टिक आहार खाने का मन ज्यादा करता है। सर्दियों में क्या सही होता है और क्या नहीं चलिए जान लेते है इसके बारे में।
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय हेमंत एवं शिशिर ऋतु के बारे में बताता है कि इस मौसम में क्या करना चाहिए और किन बातों का परहेज करना चाहिए।
आयुर्वेद में नींद को लेकर कहा गया है। इस मौसम में दिन में सोना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इसके लिए दिन में सोने से परहेज करें, इससे कफ दोष बढ़ता है और पाचन शक्ति मंद पड़ती है। ठंड और शुष्क वातावरण में पहले से ही कफ बढ़ने की प्रवृत्ति रहती है, दिन की नींद इसे और बढ़ा देता है, जिससे सर्दी-खांसी, भारीपन, सुस्ती और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सर्दियों में सोने के साथ ही खानपान की ओर भी ध्यान रखना जरूरी होता है। इसके लिए खट्टा, नमकीन, मीठा और घी युक्त भारी आहार लें , दूध-दही, गुड़, तिल, मूंगफली, बाजरा, नए गेहूं की रोटी फायदेमंद है। कहते हैं कि, गर्म सूप, हर्बल चाय, अदरक-तुलसी वाली चाय, नींबू युक्त गर्म पानी, तिल-गुड़ की गजक, रेवड़ी, मूंगफली की चिक्की खाना फायदेमंद होता है। कुछ चीजों के सेवन न करने की भी सलाह आयुर्वेद देता है। इस मौसम में कड़वा, कसैला और फूलगोभी, आलू , ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक, बासी भोजन का सेवन नुकसान दे सकता है। ज्यादा मसालेदार चीजें भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।
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यहां पर सर्दियों में सरसों के तेल की मालिश शरीर में करने के फायदे होते है। सर्दियों में रोज पूरे शरीर पर तिल या सरसों का तेल लगाकर मालिश (अभ्यंग) करना, गुनगुने पानी से नहाना, गर्म कपड़े पहनना फायदेमंद होता है। सुबह की धूप जरूर लें, यह विटामिन डी देती है और कफ को संतुलित करती है। इसके साथ ही व्यायाम और योग करने से शरीर गर्म रहता है और इम्यूनिटी बूस्ट होती है।






