ईरान युद्ध का खेल जगत पर असर… सुरक्षा कारणों से सऊदी और बहरीन में होने वाली फॉर्मूला 1 रेस रद्द

Formula 1 Cancelled: ईरान और मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण सुरक्षा कारणों से अप्रैल में होने वाली बहरीन और सऊदी अरब ग्रांड्स प्रिक्स रेस को रद्द कर दिया गया है, जिससे खेल जगत पर गहरा असर पड़ा है।
Iran War Impact Formula 1 Bahrain and Saudi Arabia Grands Prix Cancelled Due to Security Risks
बहरीन और सऊदी अरब ग्रांड्स प्रिक्स रेस रद्द (सोर्स-सोशल मीडिया)
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F1 Races Cancelled Due To Iran War: मध्य पूर्व में इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग का असर अब केवल राजनीति और अर्थव्यवस्था तक ही सीमित नहीं रहा है बल्कि खेल की दुनिया को भी अपनी चपेट में ले लिया है। सुरक्षा के गंभीर खतरों को देखते हुए फॉर्मूला 1 प्रबंधन ने अप्रैल के महीने में सऊदी अरब और बहरीन में होने वाले बड़े आयोजनों को फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। यह निर्णय तब आया है जब क्षेत्र के कई देशों में जवाबी हमलों का सिलसिला तेज हो गया है जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों की जान को खतरा पैदा हो सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन को सुचारू रूप से संचालित करना नामुमकिन है और इससे अरब देशों की छवि भी प्रभावित होगी।

सुरक्षा कारणों से बड़ा फैसला

F1 और उसकी शासी निकाय FIA ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि अप्रैल में होने वाली दोनों प्रमुख रेसों का आयोजन वर्तमान युद्ध की स्थिति में नहीं किया जा सकता। ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में जो जवाबी हमले हुए हैं, उनसे बहरीन और सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। आयोजकों ने साफ किया है कि टीम के सदस्यों, ड्राइवरों और प्रशंसकों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है इसलिए सुरक्षा चिंताओं के कारण इस बार रेस आयोजित नहीं होगी।

प्रभावित हुआ रेसिंग कैलेंडर

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बहरीन ग्रांड प्रिक्स का आयोजन 12 अप्रैल को होना था जबकि इसके ठीक बाद 19 अप्रैल को जेद्दा में सऊदी अरब ग्रांड प्रिक्स प्रस्तावित की गई थी। F1 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टेफानो डोमेनिकाली ने कहा कि इन परिस्थितियों में रेस रद्द करना एक कठिन निर्णय था लेकिन शांति और सुरक्षा के लिए यह एक आवश्यक कदम है। हैरानी की बात यह है कि प्रबंधन ने अप्रैल के महीने में इन दोनों रद्द की गई रेसों की जगह कोई भी वैकल्पिक रेस किसी दूसरे देश में न कराने का फैसला किया है।

आयोजकों और देशों की सहमति

सऊदी अरब और बहरीन में रेस आयोजित करने वाली स्थानीय कंपनियों ने भी वैश्विक स्तर पर हो रहे सुरक्षा बदलावों और जोखिमों को देखते हुए इस फैसले का पूरा समर्थन किया है। FIA के अध्यक्ष मोहम्मद बेन सुलायम ने जोर देकर कहा कि बहरीन और सऊदी अरब सीजन के महत्वपूर्ण अंग हैं और हालात सुधरने पर ही वहां दोबारा रेस कराने का विचार होगा। फिलहाल व्यस्त F1 कैलेंडर में इन रेसों के लिए साल के अंत में नई तारीखें निकालना विशेषज्ञों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है क्योंकि शेड्यूल पहले से ही पूरी तरह पैक्ड है।

मध्य पूर्व में गहराता संकट

युद्ध के 16वें दिन तक पहुंचते-पहुंचते ईरान ने दावा किया है कि उसने कई अरब देशों में मौजूद अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को अपनी मिसाइलों के जरिए सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। सऊदी अरब के प्रिंस सुलतान एयरबेस पर हुए हालिया हमलों ने सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता और बढ़ा दी है क्योंकि वहां अमेरिकी टैंकर विमानों को भारी नुकसान पहुंचने की खबरें आई हैं। ऐसे माहौल में जहां मिसाइलें और ड्रोन खुलेआम आसमान में मंडरा रहे हों, वहां करोड़ों डॉलर की स्पोर्ट्स कार रेसिंग का आयोजन करना एक बहुत बड़ा सुरक्षा जोखिम माना जा रहा था।

भविष्य पर अनिश्चितता के बादल

खेल जगत के जानकारों का कहना है कि अगर ईरान जंग लंबी खिंचती है तो आने वाले अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों पर भी इसी तरह का संकट मंडराने की पूरी आशंका बनी हुई है। फिलहाल प्रशंसकों को अगले आदेश का इंतजार करना होगा और यह देखना होगा कि क्या साल के अंत तक इन रेसों को दोबारा किसी सुरक्षित समय और स्थान पर कराया जा सकता है। ईरान और इजरायल के बीच जारी इस महासंग्राम ने न केवल इंसानी जानों का नुकसान किया है बल्कि वैश्विक संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय खेलों की गतिविधियों को भी पूरी तरह से ठप कर दिया है।

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