

Chhatrapati Sambhajinagar Indian Industry Association News: छत्रपति संभाजीनगर सैनी हेवी इंडस्ट्री इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वाइस चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक दीपक गर्ग को वर्ष 2026-27 के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की महाराष्ट्र राज्य परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
वहीं एक्सेंचर में मैनेजिंग डायरेक्टर एवं इंडिया लीड गवर्नमेंट एडवाइजरी एंड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप्स आरती कुचिभटला को परिषद की उपाध्यक्ष बनाया गया है।
महाराष्ट्र देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और इसी को ध्यान में रखते हुए नए नेतृत्व ने राज्य उद्योग, व्यापार और निवेश को नई गति देने का लक्ष्य तय किया है।
परिषद के नए अध्यक्ष दीपक गर्ग के नेतृत्व में सीआईआई महाराष्ट्र विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, बुनियादी ढांचे के विकास, नवाचार, प्रौद्योगिकी के उपयोग और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में पर विशेष ध्यान देगा।
उन्होंने आगे कहा कि सगठन अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से पुणे, नागपुर, छत्रपति संभाजीनगर, कोल्हापुर, नासिक और ठाणे सहित विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों के साथ समन्वय स्थापित करेगा, इसके माध्यम से बुनियादी ढांचा, विनिर्माण, निर्माण उपकरण, लॉजिस्टिक्स तथा उभरती प्रौद्योगिकियो जैसे क्षेत्रों को आगे बढ़ाने पर विशेष काम किया जाएगा। दीपक गर्ग ने कहा कि सीआईआई महाराष्ट्र का लक्ष्य राज्य को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में सहयोग करना है, इसके साथ ही समावेशी विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपक गर्ग ने कहा कि महाराष्ट्र लंबे समय भारत की आद्योगिक और आर्थिक प्रगति का प्रमुख केंद्र रहा है। आने वाले समय में विनिर्माण क्षेत्र को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना, बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास करना और उन्नत तकनीकों को अपनाना राज्य की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि सीआईआई महाराष्ट्र सरकार, उद्योगों और स्टार्टअप के साथ मिलकर ऐसा सहयोगात्मक वातावरण तैयार करेगा, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिले, उत्पादकता बढ़े और राज्य में सतत औद्योगिक विस्तार संभव हो सके।
दीपक गर्ग ने इस पद पर विनायक पाई का स्थान लिया है, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में महाराष्ट्र की औद्योगिक और आर्थिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सीआईआई महाराष्ट्र वर्ष 2026-27 में विनिर्माण क्षेत्र की मजबूती, बुनियादी ढांचा और लॉजिस्टिक्स विकास, डिजिटल परिवर्तन और इंडस्ट्री 4.0 को बढ़ावा, हरित औद्योगिक प्रथाओं का विस्तार, कौशल विकास तथा उद्योग और सरकार के बीच बेहतर सहयोग जैसे क्षेत्रों पर विशेष रूप से काम करेगा, परिषद का उद्देश्य उद्योगों को नई संभावनाओं से जोड़ना, नीति संबंधी सुझाव देना और राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाना रहेगा।